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CAG का खुलासा, पांच साल तक 40 अस्पतालों में एक भी मरीज भर्ती नहीं, डॉक्टर-कर्मचारी लेते रहे वेतन, भत्ता!

राजस्थान के आयुर्वेद विभाग में गंभीर खामियों को उजागर करते हुए सरकारी अंकेक्षक कैग ने इस बात पर हैरानी जताई है कि राज्य के 40 आयुर्वेद अस्पतालों में लगातार पांच साल तक एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ।

Author September 10, 2018 7:51 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान के आयुर्वेद विभाग में गंभीर खामियों को उजागर करते हुए सरकारी अंकेक्षक कैग ने इस बात पर हैरानी जताई है कि राज्य के 40 आयुर्वेद अस्पतालों में लगातार पांच साल तक एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी ताजा रपट में इस बारे में टिप्पणी की है। यह रपट राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पटल पर रखी गयी। इसके अनुसार राज्य के 40 अस्पतालों में लगातार पांच साल (2012-17) एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। वहीं ऐसे 48 अस्पतालों में लगातार चार साल व 49 अस्पतालों में लगातार तीन साल कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ। रपट में कहा गया है कि 118 जिला अस्पतालों में से 60 अस्पतालों में 2012.. 13 के दौरान एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। यह संख्या 2016-17 में 79 रही।

कैग ने कहा है कि आयुर्वेद अस्पतालों में इस क्रम को देखने के बावजूद कर्मचारियों को कम करने या अन्यंत्र भेजने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की गयी। कैग ने राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की नियुक्ति में भी विसंगति पायी है। इसके अनुसार कुल 3577 औषधालयों में से 645 औषधालयों में एक भी चिकित्सा अधिकारी नहीं था। वहीं 40 औषधालयों में दो दो चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किए गए जबकि वहां एक ही अधिकारी की जरूरत थी।

रपट के अनुसार 195 औषधालयों में एक भी नर्स/कंपाउडर नियुक्त नहीं था। इसी तरह रपट में 2012.. 17 के दौरान वेतन भत्तों पर ”अत्याधिक” खर्च पर भी सवाल खड़ा किया गया है। कैग का कहना है कि खुदरा विक्रेताओं द्वारा बाजार में बेची जा रही दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कोई नियमन नहीं है। वहीं विभागीय दवाखानों ने दवा उत्पादन के लक्ष्यों को हासिल नहीं किया। रपट के अनुसार पात्र अध्यापकों के अभाव के चलते उदयपुर के सरकारी आयुर्वेद महाविद्यालय में 1986 के बाद कोई नया स्रातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू नहीं किया जा सका।’

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