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मानव तस्करी मामलाः DCW ने दिल्ली के होटल से छुड़ाईं 39 नेपाली लड़कियां, 1 बजे से सुबह 6 बजे कर चला अभियान

महिला आयोग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने पहाड़गंज के एक होटल से आज सुबह कम से कम 39 नेपाली लड़कियों को मुक्त कराया।महिला आयोग के मुताबिक मानव तस्करी रोधी अभियान देर रात एक बजे से शुरू होकर सुबह छह बजे तक चला।

Author नई दिल्ली | August 1, 2018 3:56 PM
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवल ने पुलिस संग होटल में डाली रेड और छुड़ाई लड़कियां

महिला आयोग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने पहाड़गंज के एक होटल से आज सुबह कम से कम 39 नेपाली लड़कियों को मुक्त कराया।महिला आयोग के मुताबिक मानव तस्करी रोधी अभियान देर रात एक बजे से शुरू होकर सुबह छह बजे तक चला। महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्विटर पर इस अभियान की जानकारी दी।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आयोग को गुप्त सूचना मिली और पहाड़गंज के होटल ‘ह्रदय इन’ से 39 नेपाली लड़कियों को छुड़ाया गया। रात भर छापेमारी चली और दिल्ली पुलिस ने इसमें सहयोग किया। पूरे होटल में बस नेपाल से लाई गईं लड़कियां थी जिन्हें खाड़ी देशों में भेजा जाना था। मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।’’ 25 जुलाई के बाद से यह तीसरा ऐसा अभियान है।

गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी में एक अंतरराष्ट्रीय वेश्यावृति गिरोह के चंगुल से 18 महिलाओं को छुड़ाया गया, जिनमें 16 नेपाल की हैं। पुलिस ने आज यह जानकारी दी। को छुड़ाया। पुलिस ने बताया कि महिलाएं पिछले कुछ दिनों से घर में बंद रखी गई थीं और उन्हें जल्द ही तस्करी के जरिए खाड़ी देशों में भेजा जाने वाला था। उन्होंने इस बाबत पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि इन महिलाओं को आश्रय गृहों में भेजा जाएगा और उन्हें वापस भेजने के लिए नेपाली दूतावास से संपर्क किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को जहां रखा गया था, वहां से 68 पासपोर्ट बरामद किए गए जिनमें से सात भारतीय पासपोर्ट हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नेपाली महिलाओं को नौकरियों का झांसा दिया गया और उन्हें पहले उत्तर प्रदेश के वाराणसी लाया गया। जुलाई के पहले हफ्ते में दो नेपाली महिलाएं तस्करी करने वालों के चंगुल से भागने में कामयाब रहीं। उन्होंने नेपाल में पुलिस को इस रैकेट के बारे में बताया, जिसके बाद नेपाल पुलिस ने नेपाल दूतावास से संपर्क किया।

छुड़ाई गई महिलाओं ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष को बताया कि वे नेपाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों की रहने वाली हैं। महिला आयोग ने एक बयान में कहा, ‘‘उन्होंने बताया कि वे बहुत गरीब हैं और नेपाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों की रहने वाली हैं। उनमें से ज्यादातर ने भूकंप में अपने घर-परिवार गंवा दिए हैं। उनकी उम्र 18 से 30 साल के बीच है।’’ मालीवाल ने कहा, ‘‘दिल्ली मानव तस्करी का केंद्र बन गया है। दिल्ली महिला आयोग को इन रैकेटों के बारे में पता चलता है, अन्य राज्यों की पुलिस को उनके बारे में पता चल जाता है, लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रहती है। वाराणसी पुलिस ने मुझे बताया कि मैदान गढ़ी के उस मकान का इस्तेमाल पिछले कई साल से महिलाओं की जत्थों में तस्करी के लिए होता था। स्थानीय पुलिस को इसके बारे में कैसे पता नहीं चला?’’

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