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अस्पताल में मूक-बधिर महिला से दुराचार के आरोप में चार सैन्यकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज

महाराष्ट्र के पुणे के खड़की में स्थित सैन्य अस्पताल में 2015 में 34 साल की मूक और बधिर महिला के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के आरोप में चार सैन्यर्किमयों के खिलाफ मामले में सेना ने भी ‘कोर्ट आफ इन्क्वायरी’ के आदेश दिये हैं ।

Author इंदौर/ पुणे | October 18, 2018 2:58 PM
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

मी टू’ अभियान के जोर पकड़ने के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक मूक-बधिर महिला ने तीन साल पहले एक सैन्य अस्पताल में उसके साथ हुए कथित दुराचार की जानकारी संकेतों से दी और इस मामले में चार सैन्य कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र के पुणे के खड़की में स्थित सैन्य अस्पताल में 2015 में 34 साल की मूक और बधिर महिला के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के आरोप में चार सैन्यर्किमयों के खिलाफ मामले में सेना ने भी ‘कोर्ट आफ इन्क्वायरी’ के आदेश दिये हैं । घटना के समय चारों सैन्यकर्मी उसी अस्पताल में काम कर रहे थे । कुछ ही समय पहले इस महिला ने इंदौर के तुकोगंज थाने में मूक-बधिर व्यक्तियों की मदद के लिये चलाये जा रहे पुलिस सहायता केंद्र से वीडियो काल के माध्यम से सम्पर्क कर इशारों के माध्यम से अपने यौन शोषण के बारे में बताया। फिर इस मामले में पुणे के सैन्य अस्पताल से सर्म्पक साधा गया और उन्हें औपचारिक शिकायत की गयी।

इसके बाद चार आरोपी सैन्य कर्मियों के खिलाफ पुणे में मंगलवार की रात पुलिस में मामला दर्ज किया गया। यह कथित अपराध 2015 में जनवरी से जून के बीच पुणे के खड़की सैन्य अस्पताल में हुआ था । 34 वर्षीय यह मूक बधिर महिला उस अस्पताल में 2014 से काम कर रही थी । पुणे के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘महिला की शिकायत के अनुसार वह अस्पताल में रात्रिकालीन पाली में थी, जब उसके साथ एक आरोपी ने बलात्कार किया, जो उस वक्त वहां तैनात था ।’’ पीड़ित ने जब इस घटना के बारे में एक अन्य व्यक्ति से बात की तो उसने आरंभिक स्तर पर कहा कि वह ‘‘आरोपी’’ को फटकार लगाएगा । ‘‘लेकिन इसके लिए उसने कामेच्छा पूर्ति की मांग की और संदेश को वायरल करने की धमकी दी । इसके बाद उसने कथित रूप से उसका बलात्कार किया । कुछ दिनों के बाद दो और सैन्य र्किमयों ने महिला से संपर्क किया और उसका फायदा उठाया।’’ सेना के दक्षिणी कमान के एक अधिकारी ने बताया कि इन चारों अरोपी सैन्य कर्मियों के विरूद्ध कोर्ट आफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा इस सिलसिले में मामला दर्ज किए जाने से पहले ही कोर्ट आफ इंक्वायरी का आदेश दिया जा चुका है।

इंदौर के तुकोगंज थाने में मूक-बधिर व्यक्तियों की मदद के लिये चलाये जा रहे पुलिस सहायता केंद्र के मुख्य समन्वयक ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बुधवार को “पीटीआई-भाषा” को बताया कि पीड़ित महिला ने वीडियो कॉल के जरिये जून में उनसे सम्पर्क कर इशारों से अपने कथित यौन शोषण के बारे में बताया था। सांकेतिक भाषा के जानकार पुरोहित ने बताया कि उन्होंने पांच जुलाई को पुणे के इस सैन्य अस्पताल जाकर अस्पताल प्रशासन को महिला की शिकायत के बारे में बताया। इसके साथ ही, सैन्य अस्पताल के कमांडेंट को औपचारिक पत्र सौंपकर उनसे अनुरोध किया था कि मामले में उचित कदम उठाये जायें।

पुरोहित की पत्नी एवं सांकेतिक भाषा की जानकार मोनिका ने बताया कि उन्होंने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को छह अगस्त को ई-मेल भेज कर इस घटना की जानकारी दी थी।  पुरोहित ने कहा, “पीड़ित महिला जन्म से ही बोल और सुन नहीं सकती। उसके पति का पिछले साल निधन हो चुका है। उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हमें लग रहा है कि उसकी सहायता के लिये हमारे प्रयास सफल हो गये। हम चाहते हैं कि उसे आगे भी इंसाफ मिले।”

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