उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में बुधवार को तेज आंधी और भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी। इस हादसे में अब तक कम से कम 33 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा असर भदोही, फतेहपुर और बदायूं जिलों में देखने को मिला। अधिकारियों के मुताबिक, भदोही में 16, फतेहपुर में 9, बदायूं में 5, चंदौली में 2 और सोनभद्र में 1 व्यक्ति की मौत हुई है। कई लोग घायल भी हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने और 24 घंटे के भीतर राहत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। भदोही में तेज आंधी के कारण पेड़, बिजली के खंभे और कई मकान गिर गए। मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ, जिससे राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आई।
पुलिस ने बताया कि अलग-अलग घटनाओं में 16 लोगों की मौत हुई और 6 लोग घायल हुए, जिनमें 2 की हालत गंभीर है। जबकि फतेहपुर में आंधी और बारिश से जुड़े हादसों में 9 लोगों की जान चली गई और 16 लोग घायल हुए। अधिकारियों के अनुसार, खागा तहसील में पांच महिलाओं समेत 8 लोगों की मौत हुई, जबकि सदर तहसील में मकान की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
बदायूं में बच्चियों समेत 5 की मौत
बदायूं में तेज आंधी और बारिश के दौरान अलग-अलग हादसों में दो बच्चियों समेत 5 लोगों की मौत हो गई। बिसौली क्षेत्र के सिद्धपुर कैथौली गांव में तेज हवा से बचने के लिए एक झोपड़ी में शरण लेने वाली 10 साल की मौसमी और 9 साल की रजनी की दीवार गिरने से मौत हो गई। दो महिलाएं भी गंभीर रूप से घायल हुईं।
एक अन्य घटना में लक्ष्मी नाम की महिला की मौत तब हो गई जब तेज आंधी में एक पेड़ ट्यूबवेल के कमरे पर गिर गया। वहीं एक ट्रक ड्राइवर योगेश की भी पेड़ गिरने से मौत हो गई।
जानकारी अनुसार सोनभद्र में माधव सिंह नाम के व्यक्ति की पेड़ गिरने से मौत हो गई। जबकि चंदौली में दीवार गिरने और पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और अधिकारियों को राहत कार्य में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी है। उन्होंने नुकसान का सर्वे कर जल्द मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं।
कैसा रहने वाला है मौसम?
गौरतलब है कि राज्य में बीते कुछ दिनों से आंधी, बारिश और बादलों ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश में फिर से तेज गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 20 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ जाएगा, जिसके बाद उत्तर-पश्चिम दिशा से गर्म हवाएं चलनी शुरू होंगी। इससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और कई इलाकों में लू चलने की आशंका है।
विभाग ने 25 मई से शुरू होने वाले ‘नौतपा’ को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। माना जा रहा है कि इस बार नौतपा के दौरान भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में बुखार, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी समस्याओं के मरीज बढ़ने लगे हैं।
