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जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए

अभियान की शुरुआत शहर के बाहरी इलाके में छत्ताबल क्षेत्र में तड़के हुई। राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और सीआरपीएफ के त्वरित कार्रवाई दल (क्यूएटी) के कर्मियों ने इस गुप्तचर सूचना के बाद क्षेत्र में एक निर्माणाधीन इमारत को घेर लिया कि परिसर में तीन आतंकवादी छुपे हुए हैं।

Author May 5, 2018 8:58 PM
जम्मू कश्मीर में एनकाउंटर (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने आज सुबह एक संभावित आतंकवादी हमले को नाकाम करते हुए श्रीनगर के बाहरी इलाके में चार घंटे चले एक अभियान के बाद लश्करे तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराया। अधिकारियों ने बताया मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं लेकिन सभी की हालत स्थिर बतायी गई है। पुलिस के अनुसार आतंकवादी सात मई से पहले हमला करने की योजना बना रहे थे। सात मई को राज्य सरकार के कार्यालय राज्य की शीतकालीन राजधानी जम्मू से स्थानांतरित होने के बाद श्रीनगर में फिर से खुलने वाले हैं।

अभियान की शुरुआत शहर के बाहरी इलाके में छत्ताबल क्षेत्र में तड़के हुई। राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और सीआरपीएफ के त्वरित कार्रवाई दल (क्यूएटी) के कर्मियों ने इस गुप्तचर सूचना के बाद क्षेत्र में एक निर्माणाधीन इमारत को घेर लिया कि परिसर में तीन आतंकवादी छुपे हुए हैं। पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) स्वयं प्रकाश पाणि ने अभियान के बाद कहा, ‘हमारा पहला उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आसपास के क्षेत्र के लोग सुरक्षित रहें और यह सुनिश्चित करने के बाद पुलिस एवं सीआरपीएफ के कर्मी इमारत में घुसे जिन पर वहां छुपे आतंकवादियों ने गोलियां चलाईं।’

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उन्होंने बताया कि आतंकवादियों की गोलीबारी का माकूल जवाब दिया गया और इस मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि इस घटना में चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। सभी की हालत अब स्थिर है। पाणि ने कहा कि अभियान बहुत तेजी से संचालित किया गया और इसे चार घंटे में पूरा कर लिया गया और इसमें कोई आम नागरिक हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘मौके से बरामद सामग्री के आधार पर पता चला कि आतंकवादी लश्करे तैयबा के थे।’

मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक की पहचान फयाज अहमद हम्माल के तौर पर हुई है जो कि गत एक वर्ष से सक्रिय था। अधिकारियों ने बताया कि वह एक करीब 30 वर्ष का, निरक्षर और शहर के खानका ए मोहल्ला का रहने वाला था। वह हथियार छीनने और लोगों को आतंकित करने के कुछ मामलों में शामिल था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले वह एक प्रिंटिग प्रेस में काम करता था और पत्थरबाजी में शामिल था। उनका मानना है कि हम्माल को दो अन्य आतंकवादियों को एक हमले के लिए शहर में लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों अन्य आतंकवादियों के बारे में मानना है के वे पाकिस्तानी थे।

चिकित्सकों के अनुसार दोनों गैंगरीन से पीड़ित थे। यह बीमारी आतंकवादियों को अत्यंत ठंड वाले क्षेत्र से घुसपैठ करने के चलते होती है। पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों के पास से तीन एके राइफल के अलावा पांच मैगजीन सहित भारी मात्रा में गोला बारूद और एक मेडिकल किट बरामद की गई है। एक व्यक्ति की मौत को लेकर शहर में तनाव उत्पन्न हो गया क्योंकि स्थानीय लोगों का आरोप था कि सुरक्षा बलों ने उसे गोली मारी है। पुलिस ने बताया कि यद्यपि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि व्यक्ति को तेज गति वाहन ने टक्कर मारी और उसे कोई गोली नहीं लगी है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आदिल अहमद यादू नामक व्यक्ति को एसएमएचएस अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार व्यक्ति की मौत नूरबाग में एक सड़क दुर्घटना में हुई।’ उन्होंने बताया कि हादसा स्थल मुठभेड़ स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘इस संबंध में कानून के प्रासंगिक धाराओं के तहत एक मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस चालक के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी गई है।’

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