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जयपुर : जीका से पीड़ित 29 मरीज मिले, केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय के विशेषज्ञों टीम मदद के लिए पहुंची

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि वे जीका वायरस को लेकर नहीं घबराएं। इसके साथ ही मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि जीका वायरस का प्रसार नियंत्रण में है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सब कुछ नियंत्रण में है।

राज्य के चिकित्सा महकमे के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय ने राजस्थान में जीका वायरस के विकट हालातों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में जांच के लिए अतिरिक्त किट उपलब्ध करवा दी है

जयपुर में पिछले कई दिनों से जीका वायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सा व स्वास्थ महकमे में बेचैनी फैल गई है। जयपुर शहर में ही 29 मरीजों के जीका वायरस की पुष्टि मंगलवार को हुई। देश में पहली बार एक ही शहर में इतने ज्यादा मरीजों के जीका वायरस की पुष्टि होने पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्वास्थ निदेशालय से रिपोर्ट तलब की है। केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय के विशेषज्ञों की सात सदस्यीय एक टीम जयपुर में जीका वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार की मदद के लिए आ गई है।

प्रदेश की प्रमुख चिकित्सा और स्वास्थ सचिव वीनू गुप्ता ने बताया कि इससे पीड़ित मरीज जयपुर शहर के एक ही इलाके शास्त्री नगर के वाशिंदे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय टीम यहां मदद को आ गई है। इस इलाके के घर-घर में सर्वे का काम शुरू हो गया है। गुप्ता ने बताया कि जीका वायरस से पीड़ित 29 मरीजों में से तीन गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की करीब डेढ सौ टीमें शास्त्री नगर इलाके में घर-घर सर्वे करने में लगी हुई है। चिकित्सा विभाग ने 450 लोगों की स्क्रीनिंग कर उनके खून की जांच के लिए लेबोरेट्री में भेजी है। इनमें 160 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासन ने अब तक 26 हजार घरों का सर्वे कर लिया है।

गुप्ता का कहना है कि जीका वायरस के प्रकोप के चलते सरकार ने आपात कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए प्रदेश के पांच शहरों जयपुर, जोधपुर, झालावाड़, उदयपुर और कोटा के मेडिकल कॉलेजों में लेबोरेट्री की स्थापना कर दी गई है। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जांच की सुविधा पहले से ही थी। इसके अलावा अब चार अन्य शहरों को भी इस दायरे में ले लिया गया है। उनका कहना है कि जयपुर के अलावा अन्य कहीं से जीका वायरस से पीड़ित नहीं मिले हैं। इन हालातों के चलते प्रदेश में चिकित्सा विभाग ने तमाम अस्पतालों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। जयपुर में इस वायरस से संक्रमित हुए लोगों में एक व्यक्ति बिहार के सीवान जिले का है जो अब अपने प्रदेश गया हुआ है। इसके चलते बिहार सरकार ने भी अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया है।

राज्य के चिकित्सा महकमे के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय ने राजस्थान में जीका वायरस के विकट हालातों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में जांच के लिए अतिरिक्त किट उपलब्ध करवा दी है। गर्भवती महिलाओं की जांच पर पूरा फोकस किया जा रहा है और पूरे तंत्र पर कड़ी निगरानी रख जांच पड़ताल की जा रही है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के डाक्टर रमेश मिश्रा का कहना है कि जीका में कई बार लक्ष्ण नहीं दिखते हैं। बीमारी बढ़ने पर आर्गन फेल होने का खतरा रहता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं में सबसे ज्यादा खतरा रहता है और नवजात शिशु के लिए बेहद खतरनाक माना गया है।

डरने की जरूरत नहीं : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि वे जीका वायरस को लेकर नहीं घबराएं। इसके साथ ही मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि जीका वायरस का प्रसार नियंत्रण में है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सब कुछ नियंत्रण में है। मंत्रालय के अनुसार, स्थिति की नियमित निगरानी के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) में एक नियंत्रण कक्ष शुरू किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। यह बीमारी स्वास्थ्य मंत्रालय के निगरानी रडार पर है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की अधिसूचना के अनुसार 18 नवंबर, 2016 से इसके संबंध में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता की स्थिति नहीं है।

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