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यूपी विधानसभा के बाहर आलू फेंकने वाले पकड़े गए, सपा के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव

पुलिस का कहना है कि विधानसभा के सामने आलू फेंकने के मामले का किसान यूनियन का कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि 6 जनवरी की रात को लखनऊ स्थित विधानसभा के सामने सड़क पर भारी मात्रा में आलू फेंका गया था।
गिरफ्तार लोगों का किसान यूनियन से कोई संबंध नहीं है।

लखनऊ पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के सामने आलू फेंकने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किये गये लोगों का समाजवादी पार्टी से संबंध है। लखनऊ पुलिस के मुताबिक ये लोग समाजवादी पार्टी के टिकट पर नगर पंचायत का चुनाव लड़ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि विधानसभा के सामने आलू फेंकने के मामले का किसान यूनियन का कोई लेना-देना नहीं है। लखनऊ के एडिशनल एसपी (पूर्व) सर्वेश कुमार मिश्रा ने कहा कि घटना में गिरफ्तार लोगों के नाम सुशील पाल और अंकित चौहान हैं। इन लोगों ने विधानसभा, लोहिया पथ और 1090 चौराहा के पास आलू फेंका था। गिरफ्तार किये गये आरोपी कन्नौज के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों आरोपियों ने आठ गाड़ियों में कोल्ड स्टोरेज से आलू लाया था। बता दें कि 6 जनवरी की रात को लखनऊ स्थित विधानसभा के सामने सड़क पर भारी मात्रा में आलू फेंका गया था। शनिवार 7 जनवरी की सुबह को मीडिया में ये खबर आई तो हंगामा मच गया। तब कहा गया था कि आलू की कम कीमत मिलने से प्रदेश के किसान बेहद गुस्से में हैं। विरोध स्वरूप किसानों ने राजधानी लखनऊ की सड़कों पर बोरे के बोरे आलू सड़कों पर फेंक दिया।

पुलिस की जांच में पता चला है कि इस घटना से किसानों का कोई लेना-देना नहीं है। उसी दिन लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि आलू फेंकने वाले किसानों और इस काम के लिए इस्तेमाल में लाए गए वाहनों की पहचान हो गई है। इन किसानों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। तब लखनऊ पुलिस को इस मामले में काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी क्योंकि पुलिस को इस घटना का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। रात में गश्त करने का दावा करने वाली पुलिस और खुफिया विभाग का नेटवर्क भी रात में सोता रहा। इन्हें भी आलू फेंकने की जानकारी नहीं हो पाई।

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