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मध्य प्रदेश में 1 लाख स्कूलों में बिजली नहीं, सरकार 2.5 लाख शिक्षकों पर लागू करेगी नया ड्रेस कोड

मध्य प्रदेश के शिक्षकों को अब नया ड्रेस कोड मिलने वाला है। शिक्षकों को निफ्ट की तरफ से डिजाइन की गई जैकेट दी जाएंगी। सरकार की तरफ से कहा गया है कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि शिक्षकों को महसूस हो कि वे एक महान कार्य कर रहे हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

मध्य प्रदेश के शिक्षकों को अब नया ड्रेस कोड मिलने वाला है। शिक्षकों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की तरफ से डिजाइन की गई जैकेट दी जाएंगी। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि शिक्षकों को महसूस हो कि वे एक महान कार्य कर रहे हैं और उनकी पहचान सरकारी शिक्षक के तौर पर हो सके। राज्य में करीब ढाई लाख सरकारी शिक्षकों को जल्द ही ये जैकेट मुहैया कराई जाएंगी। राज्य के शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी शिक्षकों को निफ्ट के द्वारा डिजाइन की गई जैकेट पहननी होंगी, जैकेट पर राष्ट्र निर्माता नाम की नेमप्लेट भी लगी होगी।

यह सरकारी आदेश ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने पिछले वर्ष स्वीकार किया था कि राज्य में एक लाख से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है, 17 हजार से ज्यादा स्कूल में केवल एक-एक शिक्षक पर निर्भर हैं और करीब 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।

शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों को उनके महान कार्य का अहसास दिलाने के लिए ये जैकेट बनवा रही है। ये जैकेट अगले शैक्षणिक वर्ष में शिक्षकों मिल जाएंगी। राज्य में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि शिक्षा मंत्री ने राज्य के स्कूलों की दयनीय हालत को नजरअंदाज कर बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को खुश करने के लिए यह फैसला लिया है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि स्कूल में ब्लैकबोर्ड ने होने की स्थिति में भी कभी-कभार वे (बीजेपी नेता) नारंगी या नीली जैकेट की जगह भगवा रंग की जैकेट की बात करते हैं। ऐसा लगता है कि मानो वे सरकार नहीं, बल्कि एक सर्कस चला रहे हैं। 2016 में संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में स्कूलों के मुकाबले शिक्षकों की संख्या में भारी अंतर बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था मध्य प्रदेश में 6 स्कूलों पर 1 शिक्षक काम करता है।

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