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यूपीः हाथरस में 19 साल की दलित लड़की का गैंगरेप, दरिंदों ने काट दी जीभ, गले में भी गंभीर चोटें; 4 सवर्णों के खिलाफ केस

11 दिन पहले उत्तर प्रदेश में 19 साल की एक दलित का गैंगरेप हुआ था। लड़की की जीभ कटी हुई थी और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई है। वह अलीगढ़ के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर है और अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है।

Author Translated By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: September 26, 2020 3:16 PM
Hathras rape, Hathras rape case, UP rape case, UP Hathras rape case, India news,उत्तर प्रदेश में 19 साल की एक दलित का गैंगरेप हुआ है।(प्रतीकात्मक तस्वीर)

जिगनसा सिन्हा 
वह 14 सितंबर की सुबह के बारे में सोचती रहती है, कैसे वह अपनी बेटी के साथ खेत में मवेशियों के लिए घास काटने जाती थी, वह सोचती है कैसे हताश होकर वह अपनी बेटी के गायब हो जाने पर उसे ढूंढ रही थी। कैसे उसकी बेटी वहां से मात्र 100 मीटर की दूरी पर खून से लत-पत मिली थी। कैसे वह उसे उठाकर ई-रिक्शा में लेकर अस्पताल की ओर भागी। ऐसे कई सवाल उसके दिमाग में उठते हैं। क्या होता अगर वह बेहतर सुन पाती तो वह अपनी बेटी की चीख सुकर उसे बचा पाती। क्या होता अगर वे लोग दलित न होते?

11 दिन पहले उत्तर प्रदेश में 19 साल की एक दलित का गैंगरेप हुआ था। लड़की की जीभ कटी हुई थी और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई है। वह अलीगढ़ के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर है और अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है। हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने बताया कि उनकी गर्दन पर भी गंभीर चोटें आई हैं। बुधवार को महिला के बयान के बाद हाथरस जिले के चार लोगों पर SC/ST एक्ट (अत्याचार निवारण अधिनियम), गैंगरेप और हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज़ किया गया है। सभी पुरुष उच्च जाति के हैं, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अस्पताल की शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में गला घोंटने और मारपीट की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने कहा कि बलात्कार की पुष्टि के लिए आगे की जांच की जा रही है। अपने घर के बाहर बैठकर रोते हुए पीड़ित की माँ ने कहा “मैं उस से मात्र 100 मीटर की दूरी पर बैठी थी। मैं उसे बचा सकती थी। लेकिन मुझे कम सुनाई देता है।”

परिवार का कहना है कि उनके घर के पास रहने वाले मुख्य आरोपी 20 वर्षीय संदीप और उसका परिवार अपने क्षेत्र में दलितों को हमेशा परेशान करते है। लगभग दो दशक पहले, संदीप के दादा को पीड़ित के दादा की कथित रूप से पिटाई करने के लिए एससी / एसटी अधिनियम के तहत तीन महीने के लिए जेल भेजा गया था।

जिले के अधिकारियों का कहना है कि गाँव के 600 परिवारों में से लगभग आधे ठाकुर हैं, जबकि 100 परिवार ब्राह्मण है। गाँव में केवल 15-परिवार ही दलित हैं। 14 सितंबर की सुबह वे लोग चारा इकट्ठा करने के लिए गए थे। उसकी माँ ने बताया “चारा इकट्ठा करते हुए पीड़ित थोड़ा दूर चली गई। 9.45 के करीब जब वह आस-पास नहीं दिखी तो मुझे लगा कि वह घर चली गई। लेकिन जब मैंने उसकी गुलाबी चप्पलें देखीं। तो हमने उसे खोजना शुरू कर दिया। जिसके बाद हमने उसे एक पेड़ के पास पाया।”

मजदूर के रूप में काम करने वाले महिला के भाई ने आरोपी संदीप के खिलाफ शिकायत दर्ज की। संदीप के अलावा उसके चाचा रवि और उसके दोस्त लव कुश को गिरफ्तार किया गया है, एक चौथा आरोपी, रामू फरार है।

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