रेप के आरोपी आसाराम से जुड़े संगठन ने Delhi Metro में दिए ऐड, Valentine day पर करें माता-पिता की पूजा

संगठन द्वारा 35 स्टेशनों पर लगाए गए विज्ञापनों में ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ की वकालत किए जाने से कई यात्री नाराज हैं। इसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

"valentines day, valentines day protest, metro ad, valentines metro ad, delhi metro, delhi metro ad, delhi news

एक धार्मिक समूह की ओर से दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए विज्ञापनों में लोगों से अपील की गई है कि वे इस साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने के बजाय अपने माता-पिता की पूजा करें। उसने वैलेंटाइन डे के अवसर पर प्रेमी जोड़ों पर पुलिस की कार्रवाई का भी समर्थन किया।

प्रवचन करने वाले आसाराम के संगठन द्वारा 35 स्टेशनों पर लगाए गए विज्ञापनों में ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ की वकालत किए जाने से कई यात्री नाराज हैं। इसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। आसाराम यौन उत्पीड़न के मामले में जेल में है।
विज्ञापन में दो विरोधाभासी तस्वीरें हैं। एक में दो बच्चे अपने माता-पिता की पूजा कर रहे हैं और दूसरे में एक युवा जोड़े को एक-दूसरे का कान पकड़े हुए दिखाया गया है और पुलिस बगल में खड़ी है। पोस्टरों पर लिखे संदेश में कहा गया है, ‘खुलेआम वैलेंटाइन डे मनाकर भ्रष्ट गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करती है। वैलेंटाइन डे नहीं मनाएं।’

डीएमआरसी के मुख्य प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया, ‘ये विज्ञापन निजी ठेकेदार ने लगाए थे क्योंकि दिल्ली मेट्रो परिसर के भीतर सारे विज्ञापन के स्थान एक खास एजंसी को दिए गए हैं जो बदले में दिलचस्पी रखने वाले विज्ञापनदाताओं को उस स्थान को आबंटित कर देती है। मामले की विस्तार से जांच की जा रही है और जरूरी कार्रवाई के लिए संबद्ध ठेकेदार के पास मामले को उठाया गया है।’

इस बारे में संपर्क किए जाने पर ‘बाल संस्कार केंद्र’ के पदाधिकारी ने कहा कि विज्ञापन का उद्देश्य युवाओं को इस बारे में जागरूक बनाना है कि वैलेंटाइन डे ‘भारतीय संस्कृति’ के खिलाफ है। संगठन के पदाधिकारी मनीष गोस्वामी ने कहा, ‘तस्वीर उस जोड़े की दुर्दशा को दर्शाती है जिन्हें रायपुर में एक पार्क में वैलेंटाइन डे मनाते हुए पकड़ा गया था। वहां राज्य सरकार आधिकारिक तौर पर ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाती है। हम चाहते हैं कि अन्य राज्य सरकारें भी इस तरह का आदेश दें।’

लोगों ने डीएमआरसी की विज्ञापन नीति पर भी सवाल उठाए हैं। गोविंद आरएस ने फेसबुक पर लिखा है, ‘मेरा अनुमान है कि अगर आप उन्हें पर्याप्त धन दें तो दिल्ली मेट्रो किसी भी बारे में विज्ञापन लगा देगी।’ डीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी दिल्ली आउटडोर विज्ञापन नीति, 2008 का पालन करती है और इस संबंध में उसकी अपनी नीति नहीं है।

डीएमआरसी के विपरीत ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन जो लंदन में विशाल सबवे ट्रेन सेवा का परिचालन करती है उसकी अपनी विज्ञापन नीति है। हेमराज सिंह नाम के एक व्यक्ति ने ट्विटर पर लिखा है, ‘प्रौद्योगिकी के मामले में हम पश्चिमी देशों से प्रतिस्पर्धा करते हैं। मानसिकता के मामले में हम 19वीं सदी के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं।’

अपडेट
X