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शुरू हुआ सूरजकुंड मेला, फड़णवीस ने मराठा युद्ध स्मारक बनाने के लिए दिए तीन करोड़ रुपए, शिवाजी का किला और कोसा सिल्क की साड़ी

फड़णवीस ने सूरजकुंड मेले में महाराष्ट्र को थीम राज्य चुनने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्मारक के तौर पर छत्रपति शिवाजी की राजधानी रायगढ़ के किले की प्रतिकृति मेले में स्थापित की है।

Author February 2, 2019 7:23 AM
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। (फाइल फोटो)

अनूप चौधरी

33वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला शुरू हो गया है। मेला महाराष्ट्र राज्य की थीम पर आयोजित किया गया है। इस मौके पर पानीपत के काला आंब में बनाए जा रहे युद्ध स्मारक के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने तीन करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मराठों की वीरता का इतिहास ‘लाईट एंड साउंड’ के जरिए दर्शाने के लिए एक विशेष स्मारक विकसित करने का ऐलान किया है। यह स्मारक पानीपत में जीटी रोड पर चार एकड़ जमीन पर तैयार किया जा रहा है। साथ ही खट्टर ने काला आंब मराठा युद्ध स्मारक स्थल का विस्तार 20 एकड़ में करने की घोषणा भी की है। फड़णवीस ने सूरजकुंड मेले में महाराष्ट्र को थीम राज्य चुनने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्मारक के तौर पर छत्रपति शिवाजी की राजधानी रायगढ़ के किले की प्रतिकृति मेले में स्थापित की है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद यह पांचवां सूरजकुंड मेला है और इस मेले में 31 से ज्यादा देश हिस्सा ले रहे हैं। हम इसके लिए अन्य देशों को भी निमंत्रण दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी हरियाणा के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा है और जब भी सेना की भर्ती होती है तो युवा बड़ी संख्या में आगे आते हैं। देश की आबादी में दो फीसद तथा भौगालिक दृष्टि से 1.6 फीसद प्रतिनिधित्व होने के बावजूद देश की सेनाओं में हरियाणा की सेनाओं का 10 फीसद प्रतिनिधित्व है। हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह, उद्योग मंत्री विपुल गोयल समेत अनेक अधिकारी और अनेक देशों के राजदूत व प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सूरजकुंड शिल्प मेले में इस साल देश-विदेश के 1600 शिल्पकार भाग ले रहे हैं। थीम स्टेट महाराष्ट्र के हस्त शिल्पी इस बार ज्यादा आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं। मेले के पहले दिन कोसा सिल्क की हाथ से बुनी साड़ियों की दुकान पर देश-विदेश से आए दर्शकों की भीड़ देखने को मिली।

महाराष्ट्र के नागपुर से मेले में विशेष तौर पर अपनी कला का प्रदर्शन करने पहुंचे हस्त शिल्पकार गजानन वासुदेव डिकाटे ने दर्शकों को अपनी कला की बारीकियों के बारे में बताते हुए कहा कि उनकी पिछली तीन पीढ़ियां इस कार्य में लगी हुई हैं और उनके जरिए ही हाथ से निर्मित साड़ी, शॉल व अन्य प्रकार के होजरी सामान की मांग विदेशों तक है। उन्होंने बताया कि वो और उनका परिवार बरसों से यह काम कर रहा है। यह रोजगार के साथ परंपरा को बचाने का सुख भी देता है।

उन्होंने कोसा सिल्क की साड़ियों की विशेषता बताते हुए कहा कि इनपर बारीक कशीदाकारी का काम हजारों लोगों को रोजगार दे रहा है। महाराष्ट्र सरकार भी सोसायटी के माध्यम से इन शिल्पकारों को संगठित कर सभी साधन मुहैया करा रही है।

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