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राजपाट महारानी का इम्तिहान

सूबे के मतदाता हर बार बदलाव कर डालते हैं। पर जो सत्ता में बैठकर मलाई खा रहे हैं, वे इस हकीकत से मुंह ही मोड़ते हैं। कभी स्वीकार नहीं करते कि दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएंगे।

Author July 31, 2017 3:06 AM
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (File Photo)

एकदम थानेदार के अंदाज में नजर आए अमित शाह। राजस्थान के अपने दौरे में पार्टी के धुरंधरों तक को नसीहत दे गए। नतीजतन अब हर कोई खौफजदा है। तीन दिन तक संगठन के हर स्तर की बैठकों में पार्टी की नब्ज टटोल गए। यों वे पिछले कई हफ्तों से देशभर का भ्रमण कर रहे हैं। मकसद भाजपा को संजीवनी देकर और ताकतवर बनाना है। जयपुर दौरा पार्टी के लिए कुछ अलग अहमियत वाला रहा। भाजपा को यहां फिर सत्ता में लाना नेतृत्व के लिए चुनौती है। अभी तक तो यहां यही परंपरा चली आ रही है कि सूबे के मतदाता हर बार बदलाव कर डालते हैं। पर जो सत्ता में बैठकर मलाई खा रहे हैं, वे इस हकीकत से मुंह ही मोड़ते हैं। कभी स्वीकार नहीं करते कि दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएंगे। जबकि ऐसे नेताओं की भी कमी नहीं जो हकीकत से मुंह नहीं मोड़ते। अपने दौरे से पहले ही संगठन का फीडबैक ले रखा था। इसतथ्य से नावाकिफ नहीं थे कि सूबे में संगठन और सरकार की जैसी हालत है, उसके रहते जनता तो दूर पार्टी के अपने लोग भी खुश नहीं। सत्ता में वापसी सरकार के कामकाज के बूते नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और अमित शाह की चुनावी रणनीति के बूते ही संभव है। नेताओं की जमकर क्लास लगाई।

बेबाकी से कह गए कि जो सत्ता का मजा ले रहे हैं वे संगठन का काम करने के दायित्व से बच नहीं सकते। अपने अध्यक्ष के दौरे की विस्तृत रिपोर्ट अब उनके दो महासचिव भूपेंद्र यादव और अनिल जैन कर रहे हैं। यादव तो खुद भी राजस्थान के ही ठहरे। पर अपने तरीके से जानकारियां जैन ने भी कम नहीं जुटाईं। साधु-संतों की बैठक से पहले सूबे के खास मंदिरों के महंतों को शाह से रूबरू कराने में जैन की भी भूमिका अहम रही। इसके अलावा प्रभारी संगठन मंत्री वी सतीश अलग सक्रिय दिखे। इस दौरे का एक खास पहलू वसुंधरा राजे का चौकस रहना दिखा। अपने अध्यक्ष के साथ वे साए की तरह नजर आईं। अमित शाह ने कुछ खास लोगों को अब दिल्ली तलब किया है। इनमें सभी पार्टी से जुड़े नहीं हैं। पर संघ की विचारधारा से नाता रखने वाले ये लोग मौजूदा सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं। लगता है कि अमित शाह राजस्थान के बारे में रणनीति बुनते वक्त ऐसे तटस्थ लोगों की राय को अहमियत दे सकते हैं।

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