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बैरी बने भाई

नीकु जब महागठबंधन में थे तो रघुवर दास उनके धुर विरोधी थे। अब नीकु नरेंद्र मोदी के सगे हो गए हैं तो रघुवर दास क्यों न उन्हें अपना समझें।
Author August 28, 2017 05:54 am
28 दिसंबर, 2014 को रघुबर दास ने झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्‍यमंत्री के तौर पर शपथ ली है।

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास अब नीतीश कुमार पर अचानक फिदा हो गए हैं। नीकु जब महागठबंधन में थे तो रघुवर दास उनके धुर विरोधी थे। अब नीकु नरेंद्र मोदी के सगे हो गए हैं तो रघुवर दास क्यों न उन्हें अपना समझें। नीतीश को भी अब यह बोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि बिहार को झारखंड की वजह से असुविधा हो रही है। दरअसल झगड़ा शराबबंदी के चक्कर में ज्यादा हुआ था। बिहार में शराबबंदी लागू हुई तो झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में बिकने लगी खुलेआम शराब। नीतीश ने मसीहा के अंदाज में झारखंड का भ्रमण कर वहां भी शराबबंदी की मुहिम चलाई। लेकिन उसका रत्ती भर असर नहीं पड़ा था। अब परिस्थितियां बदली हैं। रघुवर दास खुद शराब को सीमित कर रहे हैं। दुकानों की संख्या घटाई है।

राजधानी रांची तक में भी शराब की पांच-सात दुकानें ही नजर आती हैं। रघुवर दास को हालांकि नीतीश के कुछ काम पसंद भी थे भले वे विरोध में होने के कारण अपनी राय को जाहिर नहीं करते थे। मजबूरीवश उल्टा ही बोलते थे। अब न केवल उनकी सराहना करेंगे बल्कि नकल भी करनी चाहिए। बिहार-झारखंड भाई-भाई का नया नारा गढ़ना पड़ेगा। रघुवर दास अब पटना आएंगे तो स्वागत अकेले सुशील मोदी नहीं बल्कि नीतीश कुमार भी करेंगे। रही बात झारखंड सरकार में जद (एकी) को शामिल करने की तो इस बाबत तस्वीर अभी साफ नहीं हो पाई है। पहले नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल की तस्वीर साफ हो तब तो झारखंड का अनुमान लगे।

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