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प्रीतम सिंह : वैश्विक भारतीयों में शुमार सिंगापुर में विपक्ष के नेता

हाल में अमेरिका की संस्था इंडियाडायस्पोरा ने दुनिया के 15 देशों के दो सौ ऐसे नेताओं की सूची जारी की, जो भारतीय विरासत के झंडाबरदार हैं और जिनकी जड़े भारत से जुड़ी हैं।

Author Updated: February 23, 2021 2:36 AM
preetam singhप्रीतम सिंह। फाइल फोटो।

यह सूची 15 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति दिवस के मौके पर जारी की गई। इन नेताओं में शुमार हैं सिंगापुर में विपक्ष के नेता भारतीय मूल के प्रीतम सिंह। कुछ महीने पहले प्रीतम सिंह लोधी वहां विपक्ष के नेता चुने गए थे। सिंगापुर के इतिहास में विपक्ष के वे पहले नेता हैं।

भारतीय मूल के राजनीतिक नेता प्रीतम सिंह की वर्कर्स पार्टी ने पिछले साल जुलाई में हुए आम चुनाव में 10 सीटें जीती थीं और वह सिंगापुर की संसद में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बन गई थी। 43 वर्षीय सिंह की पार्टी ने 93 सीटों पर चुनाव लड़ा था। प्रीतम सिंह इस पार्टी के महासचिव हैं।

संसदीय कार्यालय ने तब बयान में कहा था कि सिंगापुर की संसद में कभी भी विपक्ष के नेता का आधिकारिक पद नहीं रहा और न ही संविधान या संसद के स्थायी आदेशों (स्टैंडिंग आॅर्डर्स आॅफ पार्लियामेंट) में ऐसे पद की व्यवस्था है। सिंगापुर की संसद में 1950 और 1960 के दशक में भी विपक्ष का नेता नहीं रहा, जब संसद में अच्छी संख्या में विपक्षी सदस्य थे। विपक्ष के नेता की भूमिका के तौर पर प्रीतम सिंह को अतिरिक्त विशेषाधिकार दिए गए हैं।

भारतीय मूल के प्रीतम सिंह लोधी ने सिंगापुर की संसद में विपक्ष के नेता का ओहदा हासिल करके इतिहास रचा और अब वे वैश्विक स्तर पर प्रभावी भारतीय मूल के दो सौ नेताओं में शुमार हो गए हैं। विपक्ष के नेता बनने के बाद प्रीतम सिंह ने बेहद सावधानी भरे अंदाज में कामगारों के हितों की रक्षा की बात की है। विपक्ष के नेता के तौर पर प्रीतम सिंह ने जहां एक ओर विदेशी कामगारों के मुद्दों को उठाया तो वहीं दूसरी ओर सिंगापुर में रहने वाले लोगों को मिलने वाले अवसरों को लेकर भी बात की है।

रंगमंच कलाकार लवलीन कौर से शादी करने वाले पंजाबी मूल के प्रीतम सिंह ने सिंगापुर की राजनीति में अपना अहम मुकाम बनाया है। सिंगापुर में नेशनल सर्विसमैन के रूप में सेवाएं देकर मेजर रैंक हासिल करने वाले प्रीतम सिंह कॉम्बेट इंजीनियर भी हैं। सिंगापुर में नेशनल सर्विसमैन उन लोगों को कहते हैं जो जरूरत पड़ने पर अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

राजनीति की दुनिया में नाम कमाने से पहले प्रीतम सिंह एक विद्यार्थी के रूप में भी कीर्तिमान हासिल कर चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में इतिहास और राजनीति शास्त्र विषयों में शीर्ष स्थान हासिल करके स्ट्रेट्स स्टीमशिप प्राइज जीता था। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2000 में सिंगापुर की नेशनल सिंगापुर यूनिवर्सिटी से बैचलर आॅफ आर्ट्स की डिग्री लेकर इतिहास की पढ़ाई की।

कानून और युद्ध की रणनीतियों पर लंदन के किंग्स कॉलेज में जाकर पढ़ाई की। स्नातकोत्तर की पढ़ाई के बाद प्रीतम सिंह ने मलेशिया से इस्लामी अध्ययन में डिप्लोमा लिया। 2011 में उन्होंने औपचारिक ढंग से राजनीति में कदम रखे। साल 2011 के बाद से अब तक वह सांसद के रूप में काम कर रहे हैं। वह अनौपचारिक तौर पर बीते दो साल से सिंगापुर की राजनीति में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे थे।

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