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राजपाट: राजनीति और धर्म

बिहार चुनाव में सियासी उठापटक, अखाड़ा परिषद की मांग तथा पश्चिम बंगाल में ममता सरकार को हटा सत्ता में आने को बेताब बीजेपी के कुनबे में बिखराव

देश में सियासी बवंडर के बीच नीतीश कुमार, नरेंद्र गिरी और मुकुल राय।

सियासी प्रयोगशाला
बिहार की राजनीति में उठापटक तेज हो गई है। नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव कराने की चुनाव आयोग की घोषणा ने गहमागहमी बढ़ाई है। एक दल से दूसरे दल की टोह में नेता बेचैन हैं तो सियासी दलों के बीच भी अपने-अपने नफे नुकसान का आकलन चल रहा है। बाहुबली पप्पू यादव और लोजपा के चिराग पासवान ज्यादा सक्रिय हैं। भाजपा की नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की घोषित नीति के बावजूद इस पार्टी के बिहार के ही कई नेता अपनी ढपली अपना राग बजा रहे हैं। सीटों के बंटवारे का औपचारिक एलान अभी बाकी है। कोई लोकसभा चुनाव के नतीजों के मापदंड से सीटों के बंटवारे की दुहाई दे रहा है तो कोई 2015 के विधानसभा चुनाव को पैमाना बनाने के पक्ष में है।

जीतन राम मांझी से हाथ मिलाकर नीतीश कुमार ने चिराग पासवान को आगाह किया है कि दलित वोट पर अब लोजपा या पासवान परिवार का ही एकाधिकार नहीं है। श्याम रजत जद (एकी) छोड़ राजद में जा चुके हैं। तेजस्वी यादव खुलकर भाजपा से ज्यादा वार अपने मुंहबोले चाचा नीतीश पर कर रहे हैं। उन्होंने फरमाया है कि नीतीश का भाजपा से तालमेल न हो तो दस सीटें भी नहीं जीत पाएगा जद (एकी)। अस्वस्थ होते हुए भी रघुवंश प्रसाद सिंह ने राजद छोड़ने का एलान आखिर कर दिया।

हालांकि लालू ने उन्हें मनाने की बात कही है। पर असली दुविधा चिराग के रुख को लेकर है। कहा जा रहा है कि वे भाजपा से तो गठबंधन रखेंगे पर नीतीश से नहीं। यानी भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ लोजपा नहीं लड़ेगी। कहने वाले तो इसके पीछे भाजपाई दिमाग देख रहे हैं। लोजपा उम्मीदवार जद (एकी) उम्मीदवारों को हरवाएंगे। रामविलास पासवान ने यह भूमिका पहले कांग्रेस का सहयोगी रहते राजद के खिलाफ निभाई थी। इससे लालू यादव को झटका लगा था। यानी खेल पर्दे के पीछे भाजपा भी नीतीश को कमजोर बनाने का खेल रही है। भाजपा की सीटें जद (एकी) से ज्यादा आएंगी तभी तो मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा ठोक पाएगी पार्टी। यानि महाराष्ट की नई सियासी प्रयोगशाला बन सकता है बिहार।

घाव पर नमक
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही अब काशी और मथुरा की मांग भी उठने लगी है। विश्व हिंदू परिषद की तरफ से हालांकि अभी ऐसी मांग सुनाई नहीं पड़ी है जबकि उनके एजंडे में तीनों विवादित धर्म स्थल शुरू से शामिल हैं। विहिप की जगह अब दूसरे धार्मिक संगठन इस एजंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। मसलन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने काशी और मथुरा की मुक्ति की मांग कर डाली। कौन नहीं जानता कि परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मुलायम सिंह यादव से खासी घनिष्ठता रही है। अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे तो हरिद्वार में महंत नरेंद्र गिरि का मान बढ़ाना कभी नहीं भूले।

कांग्रेस से भी हमदर्दी है महंत की। वो 2014 में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी की मुखालफत कर चुके थे। जबकि ज्यादातर संत मोदी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। लेकिन नतीजा भाजपा के पक्ष में आया तो नरेंद्र गिरि की यूपी और भाजपा शासित राज्यों में पूछ घट गई। इसीलिए भाजपाई दबी जुबान से आरोप लगा रहे हैं कि काशी और मथुरा की मुक्ति की मांग महंत नरेंद्र गिरि ने सुनियोजित रणनीति के तहत भाजपा और केंद्र सरकार को उलझन में फंसाने की मंशा से उठाई है।

भाजपाई अब महंत पर दागी रईसों से निकटता रखने की शिकायत पर उतर आएं हैं। महंत नरेंद्र गिरि का वैसे भी विवादों से पुराना नाता है। गाजियाबाद के एक बड़े शराब कारोबारी को पिछले दिनों निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाकर महंत गिरि विचित्र विवाद में फंस गए थे। चौतरफा विरोध के बाद उन्हें अपना फैसला वापस लेना पड़ा था।

कुनबे की कलह
पश्चिम बंगाल में भाजपा ममता बनर्जी की जगह सत्ता में आने के ख्वाब तो देख रही है पर उसका अपना कुनबा ही सूबे में एकजुट नहीं है। गुरुवार को प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में ऐसा प्रस्ताव आ गया जिसकी किसी को न उम्मीद थी और न जानकारी। सांसद सुभाष सरकार ने अपने भाषण के बीच एक अनूठा प्रस्ताव पढ़ा-मैं प्रस्तावित करता हूं कि दिलीप दा को अनुशासनात्मक और चुनावी प्रबंधन समितियों के गठन का अधिकार दिया जाए। दिलीप दा यानी पार्टी के सूबेदार सांसद दिलीप घोष। पार्टी की परंपरा तो ये समितियां आलाकमान को गठित करने का अधिकार देती है। प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इस बैठक में नहीं थे। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आए मुकुल राय अलबत्ता थे। आलाकमान कई बार कह चुका है कि चुनाव प्रबंधन का जिम्मा मुकुल राय को मिलेगा। मुकुल राय की हैसियत घटाने का मकसद ही होगा इसके पीछे। पर गुटबाजी तो सतह पर आ ही गई। (प्रस्तुति : अनिल बंसल)

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