Opinion about BJP Suffers a Big Jolt in Bypolls as Congress Wins in Rajasthan - Jansatta
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राजपाटः जनता जनार्दन

भूचाल ला दिया है राजस्थान के सरकारी हलकों में तीन सीटों के उपचुनाव के नतीजों ने।

Author February 10, 2018 3:29 AM
सचिन पायलट

भूचाल ला दिया है राजस्थान के सरकारी हलकों में तीन सीटों के उपचुनाव के नतीजों ने। लोकसभा की दो और विधानसभा की एक। कांग्रेस ने भाजपा से छीनी हैं ये सीटें। वह भी चुनाव वाले साल में। जाहिर है कि भाजपा के आलाकमान की भी नींद उड़ी है नतीजों से। चौंकाने वाला पहलू एक और भी है। लोकसभा की दो सीटों के अधीन विधानसभा की कुल सोलह सीटें हैं। भाजपा इनमें से कहीं भी बढ़त नहीं ले पाई। इससे तो यही संकेत मिलता है कि जिस तरह 2013 के विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे के पक्ष में आंधी चली थी, कुछ वैसा ही करंट अंदरखाने अब कांग्रेस के पक्ष में बह रहा है। चेहरे के तनाव को छिपाने की मुख्यमंत्री की कोशिश भी नाकाम नजर आती है। अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ वसुंधरा ने अपनी पसंद के उम्मीदवारों को लड़ाया चुनाव। वे अनुमान ही नहीं लगा पार्इं कि लोगों में सरकारी भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और बेरोजगारी को लेकर कितना गुस्सा है।

सत्ता में बैठे हर नेता का दिमाग गणेश परिक्रमा करने वाले चापलूस जिस तरह खराब करते हैं, उसी तरह वसुंधरा भी आत्मश्लाघा की शिकार हैं। उपचुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर भाजपा की हार का जश्न मन रहा है। यहां तक कि पुलिसवालों ने भी नाचते-गाते और मुख्यमंत्री पर ताने कसते अपनी फोटो वायरल कर दी। नतीजतन सूबे के पुलिस महानिदेशक को बाकायदा फरमान जारी करना पड़ गया कि कोई भी पुलिसवाला सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ कुछ भी शेयर न करे। यहां तक कि पुलिसवालों के परिजनों को भी सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए कहा गया है।

चुनाव के नतीजों से कांग्रेस का फूल कर कुप्पा हो जाना भले स्वाभाविक हो पर यह उसकी जीत नहीं, भाजपा और उसकी सरकार को जनता द्वारा सिखाया गया सबक है। वसुंधरा सरकार के खाते में विकास के नाम पर जीरो है तो कल्याणकारी योजनाएं फाइलों में सिमटी हैं। सरकारी उपक्रमों का स्वामित्व निजी क्षेत्र को सौंपने के पीछे के मकसद भी लोग समझ रहे हैं। यहां तक कि सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक को पीपीपी माडल के बहाने धन्नासेठों के हवाले किया गया है। इन धन्नासेठों की नजर कीमती जमीनों पर है, यह तो हर अनपढ़ व गंवार भी आसानी से समझ रहा है।

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