राजपाट- मोदी बनाम ममता

भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं जयंती पर भाजपा हटाओ, देश बचाओ के नारे के साथ नौ अगस्त को राज्यव्यापी अभियान शुरू कर दिया।

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मोदी बनाम ममता
दीदी ने नए सिरे से फिर छेड़ दी है पश्चिम बंगाल से भगवा के सफाए की मुहिम। भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं जयंती पर भाजपा हटाओ, देश बचाओ के नारे के साथ नौ अगस्त को राज्यव्यापी अभियान शुरू कर दिया। ब्लाक स्तर पर सियासी कार्यक्रम होंगे इसके तहत। 2019 के लोकसभा चुनाव में देश को भाजपा मुक्त करने की मुहिम अलग चला रखी है। खुद पहल कर गैर राजद दलों को लामबंद करेंगी। पटना में होने वाली लालू यादव की भाजपा विरोधी रैली में शिरकत करेंगी। उसके बाद झारखंड का दौरा। आरोप लगा रही हैं कि मोदी सरकार लोकतंत्र का गला घोटने में जुटी है। देश को बचाना है तो भाजपा को सत्ता से हटाना ही होगा।

अगले कुछ महीने तीज त्योहारों को देखते हुए मुहिम की गति मंद रहेगी। विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को गिराने की भाजपा की कवायद को देखते हुए ममता बनर्जी ने अब भाजपा को अपना नंबर एक दुश्मन बना लिया है। दरअसल पश्चिम बंगाल से माकपा और कांग्रेस तो लगातार साफ हो रहे हैं। जबकि भाजपा उनके खिसके जनाधार को अपने पाले में करने के जतन कर रही है। शायद इसी खतरे को भांप अगले चुनाव में ममता ने उसे हाशिए पर पहुंचाने की ठानी है। यह बात अलग है कि उनकी रणनीति की सफलता का पता तो चुनावी नतीजों के बाद ही चल पाएगा।

जूतों में दाल
उत्तराखंड की भाजपा सरकार के भीतर सब कुछ सहज नहीं है। सरकार के दो मंत्रियों की आपसी कलह अभी तक तो दबी ढकी थी पर पिछले दिनों जंग में तब्दील हो गई और सड़क पर भी आ गई। सतपाल महाराज और मदन कौशिक एक-दूसरे को फूटी आंखों देखना पसंद नहीं करते। कौशिक मूल भाजपाई ठहरे जबकि सतपाल महाराज लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से नाता तोड़ कर भाजपा में आए थे। हरिद्वार नगर निगम के मेयर मनोज गर्ग इस लड़ाई के हथियार बन गए। वे मदन कौशिक के करीबी हैं। उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग की हरिद्वार में स्थित जमीन पर सतपाल महाराज के आश्रम का कुछ निर्माण होने की शिकायत पर गर्ग ने उत्साह दिखाया। आश्रम के एक हिस्से को तुड़वाया तो मेयर और मदन कौशिक समर्थकों से भिड़ गए सतपाल महाराज के आश्रम वाले। पुलिस को भी नहीं बख्शा।

पथराव में मेयर भी घायल हुए। मेयर पर हमले के विरोध में निगम के सफाई कर्मचारी भी कूद पड़े। उन्होंने सतपाल महाराज के आश्रम के बाहर कूड़े के ढेर लगा दिए जबकि आश्रम के कर्मचारी आश्रम के बाहर मेयर के विरोध में धरने पर बैठ गए। सतपाल महाराज को हरिद्वार के भाजपा सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक स्वामी यतीश्वरानांद और सुरेश राठौड़, संजय गुप्ता व आदेश चौहान आदि भाजपाइयों ने समर्थन दिया है। यह खेमा मदन कौशिक की घेरेबंदी में जुट गया है। पर मदन कौशिक ठहरे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा के सूबेदार अजय भट्ट के चहेते। तो भी मुख्यमंत्री और सूबेदार को इस मामले में कौशिक खेमे का ही खोट नजर आया। फिलहाल दोनों ने उनके बीच सुलह हो जाने का दावा किया है। लिहाजा कौशिक को बैकफुट पर जाना पड़ा है। उन्हें अंदाज ही नहीं रहा होगा कि भाजपा के स्थानीय चारों विधायक और सांसद उनके खिलाफ लामबंद हो जाएंगे।

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