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राजपाट: हाशिए पर वरुण

राजनाथ सिंह जब पार्टी के अध्यक्ष थे तो उन्होंने नेहरू गांधी परिवार के इस सदस्य को खासी तरजीह दी थी। मकसद राहुल से भिड़ाना रहा होगा। लेकिन 2014 में सुल्तानपुर से चुनाव जीतने के बाद भाजपा में उनकी अनदेखी बढ़ती गई। महत्वाकांक्षा उन्होंने उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की पाल ली थी।

Author December 1, 2018 6:29 AM
वरुण गांधी। (Express file photo)

देश के पांच राज्यों में पिछले एक महीने से विधानसभा चुनाव की सरगर्मी है। लेकिन वरुण गांधी का अता-पता नहीं। सुल्तानपुर के भाजपा सांसद वरुण को उनकी पार्टी ने कब से दरकिनार कर रखा है। याद कीजिए, 2009 के लोकसभा चुनाव को। तब वरुण पहली बार चुनावी जंग में कूदे थे। अपनी मां की परंपरागत पीलीभीत सीट से बने थे उम्मीदवार। बेटे के फेर में मां मेनका गांधी को आंवला सीट से चुनाव लड़ना पड़ा था। तभी ऐसी सांप्रदायिक टिप्पणी कर बैठे थे कि मायावती सरकार ने रासुका के तहत जेल में डाल दिया था। लेकिन इस विवाद के कारण उनकी जीत का फासला बढ़ा ही था। राजनाथ सिंह जब पार्टी के अध्यक्ष थे तो उन्होंने नेहरू गांधी परिवार के इस सदस्य को खासी तरजीह दी थी। मकसद राहुल से भिड़ाना रहा होगा। लेकिन 2014 में सुल्तानपुर से चुनाव जीतने के बाद भाजपा में उनकी अनदेखी बढ़ती गई। महत्वाकांक्षा उन्होंने उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की पाल ली थी। केंद्र में तो मां के मंत्री रहते उन्हें मौका मिल नहीं सकता था। उनके पक्ष में 2016 में तो बाकायदा अभियान भी छिड़ गया था। पर पार्टी ने खुड्डे लाइन कर दिया।

बीच में एकाध बार परोक्ष रूप से नेतृत्व की आलोचना भी कर बैठे। बहरहाल, कहां तो जब पार्टी में आए थे तो नेतृत्व ने सिर आंखों पर बिठाया था और कहां अब कोई पूछ ही नहीं रहा। संसद में भी पार्टी की तरफ से बोलने का मौका नहीं मिलता। लिहाजा किसानों की समस्याओं का अध्ययन करने में जुट गए। अब ढाई साल के अज्ञातवास के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अपनी मोटी किताब लाए हैं। साफगोई अब भी बरकरार है। तभी तो दो टूक कह दिया कि 2014 (यूपीए सरकार का आखिरी साल) की तुलना में 2015 (भाजपा सरकार का दौर) में किसानों ने तीन गुना आत्महत्याएं की। यह आंकड़ा खुद राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो ने ही जारी किया है। वरुण तो एक और खुलासा भी कर रहे हैं कि जब से ब्यूरो ने यह खुलासा किया तभी से उस पर बंदिश लग गई और उसने आत्महत्याओं का आंकड़ा सार्वजनिक करना ही बंद कर दिया है। वरुण चाहते हैं क