ताज़ा खबर
 

राजपाट: मां-बेटी-दामाद पार्टी

सबसे हास्यास्पद हालत इन दिनों सीमित असर वाली उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय पार्टी अपना दल की लगती है। सोनेलाल पटेल ने बसपा से अलग होकर बनाई थी यह पार्टी। इलाहाबाद के आसपास सीमित रहा असर कुर्मियों की मानी-जाने वाली इस पार्टी का।

Author February 9, 2019 5:59 AM
अपना दल (एस) की केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल (फोटो सोर्स- पीटीआई)

कांग्रेस को परिवार की पार्टी बता उस पर खूब निशाना साध रहे हैं आजकल भाजपा के नेता। यह बात अलग है कि अब परिवारवाद और वंशवाद से अछूता कोई दल नहीं। तेलंगाना में टीआरएस हो या आंध्र में चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी हों या छत्तीसगढ़ में रमन सिंह और अजीत जोगी। बिहार में लालू यादव तो हरियाणा में देवीलाल का कुनबा हो या भूपेंद्र सिंह हुड्डा। उत्तर प्रदेश में मायावती हों या मुलायम सिंह यादव। राजस्थान में वसुंधरा हों या कर्नाटक में एचडी देवगौड़ा। सब की दूसरी और तीसरी पीढ़ी सत्ता की सियासत का स्वाद चख रही हैं। भाजपा में भी कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, प्रेम कुमार धूमल और न जाने कितने नेताओं ने बढ़ा दिया है अपनी दूसरी और तीसरी पीढ़ी को इस खेल में। पर सबसे हास्यास्पद हालत इन दिनों सीमित असर वाली उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय पार्टी अपना दल की लगती है। सोनेलाल पटेल ने बसपा से अलग होकर बनाई थी यह पार्टी। इलाहाबाद के आसपास सीमित रहा असर कुर्मियों की मानी-जाने वाली इस पार्टी का। पटेल की मौत के बाद कमान संभाली उनकी पत्नी कृष्णा पटेल ने।

हाथ बटाया कृष्णा की दोनों बेटियों अनुप्रिया और पल्लवी ने। लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता का स्वाद इस परिवार के लिए अभिशाप बन गया। मां और बेटी में ही ठन गई। अब एक अपना दल के अध्यक्ष हैं बेटी अनुप्रिया के पति आशीष पटेल और अनुप्रिया हैं केंद्र सरकार में मंत्री। दूसरे अपना दल की कमान मां कृष्णा के हाथ में है तो कर्ता-धर्ता दूसरी बेटी पल्लवी हैं। जब कुनबा एकजुट था तो लोकसभा की भाजपा से मिली दोनों सीटों पर जीत गई थी पार्टी।

अनुप्रिया के पति आशीष की महत्वाकांक्षा भी आजकल जोर मार रही है। पिछले दिनों यूपी की योगी सरकार के खिलाफ नुक्ता-चीनी की थी आशीष ने। पर भाजपा आलाकमान ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। पत्नी को केंद्र में मंत्री पद का सुख भोगते देख पति के मन में भी सूबे की सरकार में ऐसा ही सुख भोगने की इच्छा हिलोरे मार रही थी। भूल गए कि सौदेबाजी की ताकत बिखरे कुनबे की नहीं एकजुट कुनबे की होती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App