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राजपाट: खोखला विकास, रिश्तों की उलझन

राहुल गांधी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को एक तरह से झटका दिया है।

congress, uttarakhand, deharadun, cm, harish rawat, rebel mlaउत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत।

 

खोखला विकास

स्कूली शिक्षा के मामले में बदतर हैं मध्य प्रदेश के हाल। प्राइमरी और माध्यमिक शिक्षा का तो ज्यादा ही बुरा हाल है। एक अध्ययन से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि सूबे के स्कूली बच्चों का पढ़ने का कौशल और गणित का ज्ञान देश में सबसे कम है। 2010 में तीसरी कक्षा के 80 फीसद बच्चे पढ़ने में सक्षम में थे पर चार साल बाद आंकड़ा ऊपर जाने के बजाए नीचे 34 फीसद तक खिसक गया। इसी तरह तीसरी कक्षा के महज 11 फीसद बच्चे ही एक संख्या को दूसरी संख्या से भाग दे पाए। पांचवी के 34 फीसद बच्चे ही दूसरी क्लास की किताब पढ़ पाए। 66 फीसद पांचवीं में पहुंच तो जरूर गए पर स्तर उनका दूसरी क्लास का भी नहीं निकला। इस कसौटी पर अब सबसे निचले पायदान पर असम है, तो उससे ऊपर मध्य प्रदेश। 2010 से 2014 के दौरान कुछ ज्यादा ही हो गई गिरावट। माध्यमिक शिक्षा का हाल भी माशाअल्लाह है। सातवें कक्षा के ज्यादातर बच्चे अंग्रेजी के वाक्य पढ़ भी नहीं पाए। ग्रामीण इलाकों की गत ज्यादा ही खराब निकली। शिक्षकों के सरकारी स्कूलों में 64 हजार पद खाली हों तो पढ़ाई का आलम ऐसा होगा ही। रही शिक्षा के अधिकार कानून की दास्तान तो निजी स्कूलों में सीट तो चार लाख से ज्यादा आरक्षित हैं, पर दाखिले पिछले साल आधे भी नहीं हो पाए। साक्षरता दर के मामले में भी फिसड्डी है आरएसएस के हिसाब से औरों के लिए अनुकरणीय यह सूबा।

रिश्तों की उलझन

राहुल गांधी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को एक तरह से झटका दिया है। पार्टी के सूबेदार किशोर उपाध्याय की सिफारिश मान ऋषिकेश में जयराम आश्रम के संचालक ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप के स्कूल में पार्टी कार्यकर्ताओं के बूथ सम्मेलन की हामी भर दी। हरीश रावत के धुरविरोधी माने जाते हैं ब्रह्मस्वरूप। विजय बहुगुणा जब कांग्रेसी सरकार के मुख्यमंत्री थे तो तूती बोलती थी ब्रह्मस्वरूप की। हरीश रावत को मुख्यमंत्री बनाने का पुरजोर विरोध भी किया था। पर बहुगुणा पाला बदल कर भाजपा में चले गए तो ब्रह्मस्वरूप अनाथ हो गए। लिहाजा हरीश रावत के विरोधी किशोर उपाध्याय से हाथ मिला लिया। हरीश रावत की चली तो टिहरी से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे उपाध्याय। दिनेश धनै को उम्मीदवार बनाने का वादा कर रखा है इस सीट से हरीश रावत ने। उपाध्याय को वे ऋषिकेश जाने की सलाह दे रहे हैं। यहां उन्हें ब्रह्म स्वरूप का सहारा मिल गया है।

स्कूल में राहुल गांधी आएंगे तो कद बढ़ जाएगा पार्टी में ब्रह्मस्वरूप का। हरीश रावत को कोई काट नहीं सूझ रही। रही ब्रह्मस्वरूप की बात तो उनके गुरु देवेंद्र ब्रह्मचारी की पुण्यतिथि पर स्कूल में राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा आए थे तो हरीश रावत ने भी की थी उनसे मुलाकात। हालांकि हर कोई जानता है कि सुभाष चंद्रा का टीवी चैनल एक तरह से भाजपा के भोंपू की भूमिका अदा कर रहा है। कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों का मुखर विरोधी है। कांग्रेस नेता नवीन जिंदल ने इसके दो पत्रकारों को जेल भी भिजवाया था यूपीए सरकार के जमाने में। पर जयराम आश्रम के ट्रस्टी भी बताए जाते हैं सुभाष चंद्रा। इसी से कांग्रेसी हैरान हैं कि सुभाष चंद्रा के नजदीकी ब्रह्मस्वरूप के स्कूल में सम्मेलन की सहमति क्यों दे दी राहुल गांधी ने। हरीश रावत खेमा तो यही आरोप लगा रहा है कि किशोर उपाध्याय ने राहुल को ब्रह्मस्वरूप की जन्मपत्री बताई ही नहीं होगी। जो भी हो किशोर उपाध्याय ने तो ऋषिकेश में अपने चुनावी अभियान का श्रीगणेश कर ही दिया है।

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