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राजपाट: जादुई टी-सीरिज

सूबे में पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव, प्रशासन के ये ही दो बड़े ओहदे हैं। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह राजपूत हैं तो दो महीने से मुख्य सचिव की कुर्सी पर एक ब्राह्मण आइएएस बतौर काम चलाऊ तैनात हैं।

Author Published on: November 9, 2019 5:24 AM
योगी आदित्यनाथ (फोटो सोर्स-इन्डियन एक्सप्रेस)

उत्तर प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने हैं, हर क्षेत्र में राजपूतों के दिन फिर गए हैं। योगी यों संन्यासी हैं और सयानों ने कहा है कि साधू की जात नहीं पूछनी चाहिए। पर किससे छिपा है कि वे उत्तराखंड में जन्मे राजपूत हैं। जिन्हें यूपी में ठाकुर साहब कहा जाता है। नौकरशाही में इस जाति के अफसरों को अहम पदों पर खूब तैनातियां दी गई हैं। जैसे अखिलेश यादव के राज में यादव अफसरों की खूब मौज थी। दूसरी जाति के मंत्रियों के मुकाबले राजपूत मंत्रियों को मिले विभाग भी कहीं ज्यादा अहम हैं।

सूबे में पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव, प्रशासन के ये ही दो बड़े ओहदे हैं। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह राजपूत हैं तो दो महीने से मुख्य सचिव की कुर्सी पर एक ब्राह्मण आइएएस बतौर काम चलाऊ तैनात हैं। सूबे में कुल 75 जिले हैं। इनमें बीस जगह कलक्टर राजपूत ही हैं। बाकी जातियों के अफसर मजाक में उन्हें टी सीरिज का कहते हैं। टी यानी ठाकुर। अपने निजी स्टाफ में भी मुख्यमंत्री ने इसका पूरा ध्यान रखा है। विशेष सचिव एके सिंह हैं तो रेलवे के अफसर पर राजपूत हैं तो डेपुटेशन मिल गया।

इसी तरह दो रिटायर आइएएस आरएन सिंह और एनकेएस चौहान का भाग्योदय भी टी-सीरिज का होने के कारण हुआ और वे भी मुख्यमंत्री के ओएसडी बन गए। सचिवालय सेवा के रिटायर अफसर अजय कुमार सिंह हों या आइएएस आदर्श सिंह, विशेषता टी-सीरिज ही है। ओएसडी संजीव सिंह और मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार के दिन भी टी-सीरिज का होने के चलते फिर गए।

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