ताज़ा खबर
 

राजपाट: बेचैनी बंगाल में

फिलहाल यह मुद्दा पश्चिम बंगाल में भी गरमा रहा है। लोकसभा चुनाव के वक्त भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया था। अब एनआरसी की असम की अंतिम सूची प्रकाशित हो गई तो पश्चिम बंगाल भाजपा ने अपनी चुप्पी तोड़ दी।

Author Published on: September 7, 2019 6:23 AM
mamata banerjeeपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजंस के आजकल खूब चर्चे हैं। असम के घुसपैठियों की पहचान के मकसद से वजूद में आया एनआरसी। लाखों लोगों के नाम छूट गए तो हल्ला होना ही था। बहरहाल आखिरी फैसला तो सुप्रीम कोर्ट करेगा। पर फिलहाल यह मुद्दा पश्चिम बंगाल में भी गरमा रहा है। लोकसभा चुनाव के वक्त भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया था। अब एनआरसी की असम की अंतिम सूची प्रकाशित हो गई तो पश्चिम बंगाल भाजपा ने अपनी चुप्पी तोड़ दी।

पार्टी कह रही है कि दो साल बाद विधानसभा चुनाव होंगे और अगर वह सत्ता में आई तो यहां भी एनआरसी लागू करेगी। उधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ाई से प्रतिवाद करते हुए फरमाया है कि बंगाल में एनआरसी लागू करने का सवाल ही नहीं उठता। अलबत्ता असम की अंतिम सूची के मुद्दे पर ही दीदी ने केंद्र सरकार की खिंचाई कर दी। कहा कि केंद्र सुनिश्चित करे कि एक भी वैध नागरिक का नाम इस सूची से बाहर न रह जाए। गोरखा समुदाय के एक लाख लोगों के नाम असम की एनआरसी से नदारद हैं। ममता ने इस पर हैरानी जताई है। वे चाहती हैं कि सभी भारतीयों के साथ न्याय हो। एनआरसी की अंतिम सूची को ममता ने नाकामी बता दिया है।

ऊपर से यह मुलम्मा अलग कि पूरी कवायद से सियासी रोटियां सेंकने वालों के चेहरे बेनकाब हुए हैं। शनिवार और रविवार को तृणमूल कांग्रेस असम के एनआरसी के विरोध में पश्चिम बंगाल में सामूहिक विरोध प्रदर्शन भी करेगी। कोलकाता में इसके बाद बारह सितंबर को रैली होगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सूबे के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम और राज्यसभा में उपनेता सुखेंदु शेखर राय को समन्वय का जिम्मा मिला है। पूर्वोत्तर राज्यों के नेताओं से तालमेल रखेंगे ये दोनों। राष्ट्रीय स्तर पर यह जिम्मा दीदी ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बनर्जी को थमाया है। तमाम क्षेत्रीय दलों के नेताओं से तार जोड़ेंगे एनआरसी के सवाल पर वे।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 राजपाट: बेगानापन
2 राजपाट: सत्ता का मोह
3 राजपाट: टूट गया सब्र
ये पढ़ा क्या...
X