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राजपाट: साख की फिक्र

भाजपाई नित नए बयान देकर नींद उड़ाते रहते हैं कि जब चाहेंगे सरकार गिरा देंगे। उनके विधायकों और मंत्रियों को हनी ट्रैप (मोहपाश) का शिकार बनाने की कोशिश का तो पिछले दिनों खुलासा हुआ ही है।

Author Published on: September 28, 2019 6:11 AM
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ। ( (PTI/File))

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बारे में शुरू से ही कहा जा रहा है कि उनके लिए सत्ता की कुर्सी कांटों के ताज सरीखी होगी। व्यवहार में दिख भी ऐसा ही रहा है। एक तो बड़ा बहुमत नहीं है। ऊपर से सूबे में कांग्रेस भीषण गुटबाजी की चपेट में है। अपनी इकलौती छिंदवाड़ा सीट को छोड़ पार्टी की झोली में लोकसभा की कोई सीट भी नहीं डाल पाए। जबकि उनके मुख्यमंत्री होने से आलाकमान ने खासी उम्मीद संजोई थी।

भाजपाई नित नए बयान देकर नींद उड़ाते रहते हैं कि जब चाहेंगे सरकार गिरा देंगे। उनके विधायकों और मंत्रियों को हनी ट्रैप (मोहपाश) का शिकार बनाने की कोशिश का तो पिछले दिनों खुलासा हुआ ही है। उधर गड़े मुर्दे भी उखड़ने लगे हैं। भाई लोग दिल्ली के सिख विरोधी दंगों में उन्हें भी लपेटने की उधेड़बुन में जुटे हैं। इस चक्कर में सज्जन कुमार जेल में हैं तो जगदीश टाइलर भी बेचैन हैं। अब कमलनाथ को भी करना पड़ सकता है जांच का सामना। सो,सिखों के बीच साख बढ़ाने की चिंता सताने लगी है।

गुरुवार को अपने सूबे के विभिन्न शहरों के नामचीन गुरुद्वारों के पदाधिकारियों और सिख समाज के नुमाइंदों को जुटाया। कई लोकलुभावन घोषणाएं की। मसलन, अहम गुरुद्वारों को धार्मिक पर्यटन स्थल की तरह विकसित करेंगे। गुरुनानक देव की 550वीं प्रकाश पर्व यात्रा को अविस्मरणीय स्वरूप देंगे। सिख पदाधिकारियों ने भी उनका खूब मान-सम्मान किया। कमलनाथ ने सिखों के योगदान को तो सराहा ही उन्हें बहादुर और स्वाभिमानी कौम भी बताया। इंदौर में गुरुनानक देव द्वार भी बनवाएंगे कमलनाथ। ये जतन कुछ तो छवि उभारेंगे ही सिखों में उनकी।
(प्रस्तुति : अनिल बंसल)

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