ताज़ा खबर
 

राजपाट: तजुर्बे की कद्र

माना जा रहा है कि भगत को सूबेदारी दिलाने में केंद्रीय मंत्री और हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक की अहम भूमिका रही है। जिनका मुख्यमंत्री से छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है।

Author Updated: January 18, 2020 4:45 AM
बंसीधर भगत उत्तराखंड में भाजपा के नए अध्यक्ष बनाए गए हैं। (फोटो सोर्स: Facebook)

बंसीधर भगत उत्तराखंड में भाजपा के नए सूबेदार बने हैं। अभी तक अजय भट्ट यह जिम्मा संभाले थे। भट्ट की तरह ही भगत भी ब्राह्मण हैं। उत्तराखंड में भाजपा शुरू से ही राजपूत-ब्राह्मण समन्वय की राजनीति करती रही है। मुख्यमंत्री या विधायक दल का नेता राजपूत हो तो पार्टी की कमान ब्राह्मण के हाथ देने की नीति। चूंकि मौजूदा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत राजपूत हैं सो पार्टी की कमान तो किसी ब्राह्मण को ही मिलनी थी। कांग्रेस ने अलबत्ता दलित तबके को भी कई बार कमान सौंपी।

माना जा रहा है कि भगत को सूबेदारी दिलाने में केंद्रीय मंत्री और हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक की अहम भूमिका रही है। जिनका मुख्यमंत्री से छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। दरअसल निशंक खुद भी मुख्यमंत्री रहे हैं और इस कुर्सी पर उनकी निगाह आज भी टिकी है। त्रिवेंद्र सिंह रावत की कोशिश नैनीताल की लालकुंआ सीट के विधायक नवीन दुमका को पार्टी अध्यक्ष बनवाने की थी। पर वे पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। तुलना करें तो भगत काफी अनुभवी हैं।

नैनीताल से वे उत्तराखंड के गठन से पहले ही तीन बार विधायक रहे। इस समय छह बार के विधायक हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। समाज के सरोकारों से गहराई तक जुड़े हैं। तभी तो कालाडंूगी की रामलीला में अभी भी दशरथ का अभिनय करते हैं। सियासी सफर अपने गांव के प्रधान के नाते शुरू किया था। भाजपा का एक खेमा सांसद अजय भट्ट को ही दूसरी बार पार्टी की कमान सौंपना चाहता था। पर संघ परिवार के हस्तक्षेप ने भगत को अहमियत दिलाई। उनका चयन आम राय से हुआ है। पर भगत के लिए पार्टी को आगे बढ़ाने से भी पहले अपने मुख्यमंत्री के साथ सही तालमेल बिठाने की चुनौती होगी।

Next Stories
1 राजपाट: मंझधार में नैया
2 राजपाटः सियासी पैंतरे
3 राजपाटः कांटों भरी राह
ये पढ़ा क्या?
X