सियासत में भी असली-नकली

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने धामी को ऊर्जावान, युवा उत्साही और अपना मित्र कहकर संबोधित किया। उन्हें गुजरात राज्य की बागडोर मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा हाईकमान ने सौंपी थी।

Jansatta Raajpat
फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी।

जाली का भी जलवा
फिल्म अदाकारा कंगना रनौत को भाजपा से लोकसभा का टिकट मिल गया। हालांकि दिया किसी ने नहीं, लेकिन किसी आइटी प्रकोष्ठ वाले ने शरारत कर दी और हिमाचल में हो रहे उप चुनावों के लिए एक जाली सूची जारी कर दी। इस सूची में मंडी संसदीय हलके से भाजपा की ओर से कंगना को टिकट दिया गया दिखाया गया था। ये तो पहले भाजपा की आधिकारिक प्रत्याशियों की सूची आ गई थी अन्यथा मीडिया में कंगना वाली सूची छप भी जाती। लेकिन जब ये जाली सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो सब भौंचक्के रह गए कि इतनी जल्दी भाजपा ने अपने प्रत्याशी कैसे बदल दिए। इस सूची में उन्हीं प्रत्याशियों के नाम थे जिन्हें जनता के बीच टिकट मिलने की चर्चा थी। जब भाजपा वालों को यह पता चला तो वह भी कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गए कि आखिर यह क्या हुआ है।

मामला दिल्ली भाजपा कार्यालय तक पहुंचा। भाजपा में कुछ भी मुमकिन है, इसलिए भाजपावालों ने समझा कि शायद सच में ही टिकटों में बदलाव हो गया हो। लेकिन जब वहां से पता चला कि ऐसा उनकी ओर से कुछ नहीं किया गया है तब जाकर कहीं प्रदेश भाजपा ने एफआइआर दर्ज कराई। कुछ भाजपाई कहने लगे कि चलो असली में नहीं नकली में ही सही किसी सूची में तो कंगना का नाम तो आया। लेकिन जिस तरह इस जाली सूची ने सोशल मीडिया पर हंगामा फैलाया वह एक चिंतित करने वाली बात है।

इस जाली खबर से फिलहाल कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो जाली होकर भी थोड़े समय के अंदर सामाजिक सौहार्द खराब कर सकती हैं। ये आइटी सेल अब गले में फंसी वैसी हड्डी हो गया है जिसे न तो उगला जाता है और न निगला। चुनावी मौसम में इसे लेकर और ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है।

बीस साल की याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड ऋषिकेश एम्स में ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण करने आए थे। यहीं से उन्होंने देश भर के विभिन्न एम्स में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया। इस समारोह में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने धामी को ऊर्जावान, युवा उत्साही और अपना मित्र कहकर संबोधित किया। जिस तरह प्रधानमंत्री ने धामी की तारीफ की उससे धामी का राजनीतिक कद बढ़ा है और उनकी राज्य में धाक बढ़ी है।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें याद दिलाया कि 20 साल पहले सात अक्तूबर को उन्हें गुजरात राज्य की बागडोर मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा हाईकमान ने सौंपी थी। तब उन्हें जीवन में नई जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वे प्रधानमंत्री बनेंगे। जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब वे उत्तराखंड राज्य के प्रभारी थे। उनके जीवन में उत्तराखंड देवभूमि ने जबरदस्त बदलाव किया। यहां से उनका एक भावुकता का रिश्ता है।

जनता की नजर
हिमाचल प्रदेश उपचुनावों में जनता की नजर भाजपा और कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशियों पर कम बागियों पर ज्यादा जा रही है। भाजपा व कांग्रेस दोनों में बागियों ने चुनावों में उतरने की हुंकार भरी है। लेकिन चुनाव मैदान में उतरने के लिए जो दलीलें दी जा रही हैं वह बेहद दिलचस्प है। कोई कह रहा है कि बस वही है जो जनता के सारे दुख-दर्द दूर कर देगा। कोई पार्टी को पानी पी-पी के कोस रहा है कि टिकट के असली हकदार तो वही था लेकिन दूसरे को दे दिया। जनता है कि जी भर कर तमाशा देख रही है।

उसे पता है कि रसोई गैस का सिलेंडर एक हजार रुपए के पार चला गया है और ये नेता लोग मजे ले रहे हैं। प्रदेश के चारों ही हलकों जिनमें उपचुनाव हो रहे हैं बागियों ने अपनी कम-ज्यादा दस्तक दी हुई है। नतीजे दो नवंबर को आने हैं तब तक ये बागी क्या गुल खिलाएंगे और क्या करतब दिखाएंगे यह जनता इसका मजा तो आखिर लेगी ही न।

छवि की नमी
इन दिनों राजनीति में कैमरे का बहुत महत्त्व हो गया है। हर किसी के अपने छायाकार होते हैं जो उनकी सामाजिक छवि रचते हैं। लखीमपुर खीरी में किसानों व भाजपा कार्यकर्ता की मौत के बाद प्रियंका गांधी की छवि एक जुझारू महिला नेता के रूप में उभरी। लखीमपुर खीरी जाते वक्त जिस तरह उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें रोका और उन्होंने सख्ती से सामना किया या फिर अतिथिगृह की हिरासत में झाड़ू लगाना। उत्तर प्रदेश में जिस तरह से प्रियंका गांधी सक्रिय हैं उससे कार्यकर्ताओं में भी जोश आ गया है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष लल्लू सिंह कांग्रेस के जमीन से जुड़े उन नेताओं में हैं जो हमेशा सड़क पर दिखते हैं। प्रियंका गांधी की सक्रियता से उन जैसे नेताओं में भी जोश पहुंचा है। लखीमपुर खीरी पहुंची प्रियंका गांधी ने कहा कि वो हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों से भी मिलना चाहती थीं लेकिन उन्हें बताया गया कि वो मिलना नहीं चाहते। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अपना पूरा जोर लगा रही है। प्रियंका गांधी से लेकर दीपेंद्र हुड्डा तक के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस ने जैसा रुखा व्यवहार किया उसे देख जनता के दिल में इन नेताओं के लिए थोड़ी नमी पैदा होने की उम्मीद कर सकते हैं।
(संकलन : मृणाल वल्लरी)

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