ताज़ा खबर
 

राजपाट : आरक्षण का जिन्न

अमित शाह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को नया सूबेदार बना कर चुनावी जंग में उतारना चाहते हैं तो वसुंधरा इससे जाटों के नाराज हो जाने का डर दिखा रही हैं। वसुंधरा को लगता है कि कहीं गुर्जर अब कांग्रेस के पाले में न चले जाएं।

Author May 19, 2018 4:25 AM
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (फाइल फोटो)

विधानसभा चुनाव की आहट होते ही बोतल से बाहर निकल आया राजस्थान में आरक्षण का जिन्न। पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को तो चुनाव साल में आरक्षण आंदोलनों से निपटने की आदत पुरानी है। जातीय आधार पर आरक्षण का लाभ देने का झुनझुना चुनाव से पहले थमाने का कारनामा भी तो भाजपा ने ही अंजाम दिया था। लेकिन अब वही जिन्न उसकी गर्दन पकड़ने को आतुर है। खासकर गुर्जर आरक्षण आंदोलन ने बढ़ा दी है पार्टी की मुश्किल। गुर्जर समाज ओबीसी कोटे में से अपने लिए अलग पांच फीसद आरक्षण की जिद पकड़े है। धमकी तो सड़कों पर उतरने और रेल की पटरियों पर लेटने तक की दे डाली है। सरकार को 23 मई तक का अल्टीमेटम दे रखा है। पर मुश्किल यह है कि गुर्जर आरक्षण का मुद्दा हर बार अदालत में अटक जाता है। तभी तो गुर्जर समाज ने रणनीति बदल कर ओबीसी का वर्गीकरण कर बिहार की तर्ज पर उसमें विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणी बनाने की मांग उठा दी। लेकिन जाटों जैसी दबंग जातियां भी सरकार को आंख दिखा रही हैं कि ओबीसी आरक्षण को छेड़ा तो अंजाम बुरा होगा। बेचारी वसुंधरा गुर्जर समाज को खुश करने के चक्कर में जाटों को नाराज कैसे कर सकती हैं? तभी तो पार्टी सूबेदार के सवाल पर वे अपने आलाकमान से ही भिड़ गई हैं।

अमित शाह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को नया सूबेदार बना कर चुनावी जंग में उतारना चाहते हैं तो वसुंधरा इससे जाटों के नाराज हो जाने का डर दिखा रही हैं। वसुंधरा को लगता है कि कहीं गुर्जर अब कांग्रेस के पाले में न चले जाएं। जहां इसी बिरादरी के सचिन पायलट सूबेदार ठहरे। अपने धुरविरोधी किरोड़ीलाल मीणा को पार्टी में कुछ सोच समझ कर ही शामिल किया होगा उन्होंने। दरअसल राजस्थान में गुर्जर और मीणा एक दूसरे को फूटी आंखों नहीं सुहाते। भाजपा की दुविधा एक और भी है कि अब अगड़े भी आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

खुद वसुंधरा ने भी चुनाव से पहले वादा किया था कि विशेष आर्थिक पिछड़ा वर्ग बना कर वे चौदह फीसद आरक्षण देंगी। चार साल सत्ता भोगने के बाद भी इस वादे को पूरा नहीं कर पाईं। तभी तो अगड़े भी बिदक रहे हैं। कोटा में तो भाजपा के ही राजपूत विधायक भवानी सिंह राजावत ने पार्टी में राजपूतों की पूछ नहीं होने का रोना रो दिया। वसुंधरा के सांसद पुत्र दुष्यंत पर निशाना भी साधा कि वे दूसरी जातियों की तो चिरौरी कर रहे हैं पर अगड़ों से मुंह फेर रखा है। आरक्षण के जिन्न ने भाजपा आलाकमान के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें पैदा कर दी हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App