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राजपाट: खतों से जंग

ममता की नाराजगी और नारे लगाने वाले कुछ लोगों की गिरफ्तारी का अपने तईं जवाब देने की रणनीति है खत भेजना। सो, तृणमूल कांग्रेस तो इक्कीस ठहरी। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने इस बार अपनी ताकत लोकसभा की दो सीटों से बढ़ाकर 18 तक पहुंचाई है।

Author June 8, 2019 1:58 AM
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (Express Photo)

सियासी कटुता की पराकाष्ठा देखनी हो तो पश्चिम बंगाल पर गौर कीजिए। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद भी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी सियासी शत्रुता और तेज हुई है। हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप से आगे अब यह जंग पोस्टकार्ड (खत) युद्ध में तब्दील हो चुकी है। भाजपा ने जहां जय श्रीराम लिखे दस लाख खत ममता बनर्जी को पोस्ट कराने का अभियान छेड़ रखा है वहीं ममता बनर्जी भी पीछे रहने वाली कहां? उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को जय बांग्ला-जय हिंदी लिखे बीस लाख खत भिजवाने का एलान किया है।

कोलकाता से सटे दमदम इलाके में शुरुआत के तौर पर तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने दस हजार खत तो प्रधानमंत्री के पते पर पोस्ट भी कर दिए हैं। दक्षिण दमदम के निगम पार्षद देवाशीष बनर्जी जब इन खतों को लेकर पोस्ट आफिस पहुंचे तो वहां का अमला हैरान रह गया। बकौल बनर्जी जय श्रीराम लिखे खत भेजने का आइडिया बैरकपुर से लोकसभा में पहुंचे भाजपा नेता अर्जुन सिंह का है। उन्हीं के उकसाने पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी के काफिले के सामने जयश्रीराम के नारे लगाए थे।

ममता की नाराजगी और नारे लगाने वाले कुछ लोगों की गिरफ्तारी का अपने तईं जवाब देने की रणनीति है खत भेजना। सो, तृणमूल कांग्रेस तो इक्कीस ठहरी। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने इस बार अपनी ताकत लोकसभा की दो सीटों से बढ़ाकर 18 तक पहुंचाई है। इसके बावजूद दोनों दलों में हिंसक संघर्ष का दौर थमा नहीं। चुनाव के बाद भी आधा दर्जन लोग इस लड़ाई में अपनी जान गंवा चुके हैं। ममता और भाजपा दोनों ही हिंसा का आरोप एक-दूसरे पर मढ़ रहे हैं। ममता तो एकदम कामरेड रूप में आ चुकी हैं। तभी तो भाजपा को चेतावनी देने के लिए नारा लगा दिया- जो हमसे टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा।
(प्रस्तुति : अनिल बंसल)

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