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राजपाट: रस्साकश

पार्टी के वफादार कार्यकर्ता तो मौजूदा माहौल में तीन लोकसभा सीटें जीतने की भी उम्मीद छोड़ चुके हैं। जबकि 2014 में सभी 25 सीटें भाजपा ने जीती थी। संघी जहां आलाकमान वसुंधरा राजे के पर कतरने की सलाह दे रहे हैं वहीं वसुंधरा ने रुख में बदलाव लाने को राजी नहीं।

Author May 12, 2018 5:52 AM
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (फाइल फोटो)

अब यह बात किसी से छिपी नहीं रह गई है कि राजस्थान में भाजपा के नए सूबेदार को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आलाकमान के पसंदीदा केंद्रीय मंत्री शेखावत को पार्टी का सूबेदार स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। आलाकमान के साथ उनका टकराव जारी है। कर्नाटक चुनाव पर कोई प्रतिकूल असर न हो, इस डर से फिलहाल फैसला स्थगित कर रखा है। लेकिन वसुंधरा पर दबाव तो बढ़ा ही दिया है। शेखावत को संघी खेमे का समर्थक बताया जा रहा है। वसुंधरा के अड़ियल रवैए के आगे तो लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह जैसे अध्यक्षों को भी झुकना पड़ा था। वे तो अशोक परनामी को अध्यक्ष पद से हटाने को लेकर ही नाराज हो गई थीं। ऊपर से उनकी सलाह लिए बिना शेखावत को सूबेदार बनाने का फैसला किया गया तो वसुंधरा अड़ गर्इं। नतीजतन आलाकमान को फैसला टालना पड़ा।

पिछले 25 दिनों से राजस्थान भाजपा का कोई अध्यक्ष है ही नहीं। अपने चार साल के मुख्यमंत्री काल के दौरान वसुंधरा ने सरकार ही नहीं पार्टी को भी अपने ही ढंग से चलाया। केंद्र कोई हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। पर वक्त ने पलटा खाया और अजमेर व अलवर की लोकसभा सीटें उपचुनाव में हारने के बाद वसुंधरा की धमक कम हुई। अब अमित शाह ने सूबे के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के जरिए संघ के वफादार नेताओं को वसुंधरा के खिलाफ लामबंद करने का जिम्मा सौंपा बताते हैं। चंद्रशेखर कार्यकर्ताओं को लगातार एक ही मंत्र की घुट्टी पिला रहे हैं। सब कुछ भूल जाओ और 2019 में नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने की मुहिम में जुट जाओ। लेकिन फीडबैक अनुकूल नहीं आ रहा।

पार्टी के वफादार कार्यकर्ता तो मौजूदा माहौल में तीन लोकसभा सीटें जीतने की भी उम्मीद छोड़ चुके हैं। जबकि 2014 में सभी 25 सीटें भाजपा ने जीती थी। संघी जहां आलाकमान वसुंधरा राजे के पर कतरने की सलाह दे रहे हैं वहीं वसुंधरा ने रुख में बदलाव लाने को राजी नहीं। विधानसभा चुनाव में पार्टी जीते या हारे। पर वसुंधरा को छेड़ना तो घाटे का ही सौदा साबित होगा।

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