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त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के पहले सौ दिन

इन सौ दिनों में पूरी हेकड़ी और धमक कायम रखी। न सतपाल महाराज और हरक सिंह रावत सरीखे अपने सहयोगी मंत्रियों के दबाव में आए और न नौकरशाही के आगे ही बौनापन दिखाया।
Author June 26, 2017 05:01 am
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (PTI Photo)

बही खाते का सहारा
रघुबर दास अपनी पार्टी के आकाओं को समझाने में लगे हैं कि उनकी सरकार वही कर रही है जिससे पार्टी का फायदा हो। सरकार के कामकाज से झारखंड में पार्टी का संगठन मजबूत हो रहा है। लिहाजा संगठन का भी कुछ फर्ज बनता है। संगठन के लोगों को सरकार की उपलब्धियों के बारे में लोगों को बताना चाहिए। उनका समर्थन जुटाने में कतई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। दरअसल पिछले दिनों पार्टी के आलाकमान के साथ सूबे के नेताओं की बैठक हुई थी। इसमें संगठन की मजबूती के लिए कार्ययोजना बनाई गई। पर रघुबर दास इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे। अपनी गैरहाजिरी का पहले से अंदाज था तभी तो आलाकमान से मिल आए थे। जो समझाना था, वह समझा दिया। हालांकि सूबे के संगठन से जुड़े नेता कुछ मुद्दों पर रघुबर दास से न केवल नाराज हैं बल्कि उनके खिलाफ मोर्चाबंदी भी कर रहे हैं। लेकिन रघुबर दास उन्हें कैसे रोक सकते हैं। वे जानते हैं कि सूबे के नेताओं की नाराजगी से उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। दिल्ली में बैठा आलाकमान उनसे संतुष्ट रहेगा तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
हनक भी धमक भी
टीएसआर का मनोबल बढ़ा है। टीएसआर यानी उत्तराखंड के भाजपाई मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत। रविवार को उनकी सरकार के सौ दिन पूरे हो गए। इन सौ दिनों में पूरी हेकड़ी और धमक कायम रखी। न सतपाल महाराज और हरक सिंह रावत सरीखे अपने सहयोगी मंत्रियों के दबाव में आए और न नौकरशाही के आगे ही बौनापन दिखाया। अलबत्ता सतपाल महाराज और हरक सिंह रावत तो उनकी कड़ाई से दुखी ही नजर आए। नौकरशाही को भी ताश के पत्तों की तरह फेंट दिया। मंत्रियों को लाबिंग का मौका ही नहीं दिया। और तो और सचिवालय में अरसे से एक ही सीट पर जमे रहने वाले बाबुओं और सेक्शन अफसरों तक को नहीं छोड़ा। कर्मचारी संघ के नेताओं ने चूं-चपड़ तो खूब की पर टीएसआर झुके ही नहीं। ऊपर से ऊधम सिंह नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग घोटाले की सीबीआइ जांच के अपने चुनावी वादे पर अमल भी कर दिखाया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी निरुत्तर कर दिया। आपातकाल में जेल जाने वालों को यूपी की तर्ज पर लोकतंत्र सेनानी पेंशन का प्रावधान और मुफ्त इलाज व यात्रा की सुविधा दे वाहवाही लूट ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र का जाप कर चला रहे हैं बेखौफ होकर अपनी सरकार।

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