राजनीति: एलियन का गहराता रहस्य

एलियन को लेकर तरह-तरह की बातें की जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि सरकारों के पास एलियन को लेकर काफी जानकारी है, लेकिन लोगों से छिपाया जाता है। कुछ वैज्ञानिकों और लेखकों का दावा है कि एलियन धरती पर इंसानों के बीच काम कर रहे हैं।

Alienसांकेतिक फोटाे।

एलियन को लेकर हम सबके बीच एक अलग तरह की उत्सुकता पाई जाती है। बहुत से लोगों का मानना है कि एलियन होते हैं, तो कुछ इस तरह की चीजों को सिर्फ कोरी कल्पना बताते हैं। इंसान लंबे समय से एलियन की तलाश कर रहा है। कभी उसकी तलाश के लिए दूरबीन की मदद ली जाती है, तो कभी अंतरिक्ष में यान भेज कर उसे तलाशा जाता है। बहुत दिनों से धरती से रेडियो तरंगें भी भेजी जा रही हैं, ताकि अंतरिक्ष में कोई इंसानों जैसी बस्ती हो तो वह उन्हें सुन कर उनका जवाब दे। मगर अब तक एलियन ने इंसान के किसी भी संदेश का जवाब नहीं दिया है।

करीब सौ साल हो चुके जब से हम ब्रह्मांड में अपनी मौजूदगी के संदेश प्रसारित कर रहे हैं। इस दौरान पैदा हुई रेडियो तरंगें अब तक अरबों-खरबों मील का सफर तय कर चुकी होंगी। मगर, एलियन का जवाब अब तक नहीं आया। आखिर क्यों? इसकी कई वजहें हो सकती हैं। हो सकता है कि जैसा हम सोच रहे हों, वैसे एलियन ब्रह्मांड में हों ही नहीं। या इतनी दूर हों कि उन तक अभी धरती से निकले रेडियो संदेश पहुंचे ही न हों। या फिर ब्रह्मांड के किसी और कोने में जो जीवन हो, वह अभी कीटाणु के दर्जे से आगे न बढ़ा हो।

अंतरिक्ष में एलियन की तलाश में जुटी संस्था- सर्च फॉर एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस (सेटी) से जुड़े वैज्ञानिक सेथ शोस्टाक के अनुसार हमने एलियन के बहुत सारे रूप फिल्मों में देखे हैं। इसलिए उनकी एक खास तस्वीर हमारे जेहन में बन गई है। सेटी पिछले पचास सालों से अंतरिक्ष में एलियन को खोज रही है। लेकिन अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है। शोस्टाक सलाह देते हैं कि हमें ब्रह्मांड में कहीं और एलियन तलाशने करने की बजाय अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। उनके मुताबिक इंसान आज बनावटी दिमाग वाली मशीनें तैयार करने में जुटा है।

ऐसे में अगर ब्रह्मांड में कहीं एलियन होंगे भी, तो वो तरक्की के मामले में इंसान से काफी आगे निकल चुके होंगे। ऐसे में यह भी हो सकता है कि किसी और ग्रह के जीवों ने बनावटी बुद्धि का विकास कर लिया हो या फिर ऐसी मशीनों ने आखिर में अपने बनाने वालों को ही खत्म कर दिया हो। आज रोबोट से एक से बढ़ कर एक काम लिया जा रहा है। वे बुद्धिमानी के मामले में कई बार इंसानों से आगे निकल गए हैं।

ऐसा भी हो सकता है कि आगे चल कर रोबोट इंसान के काबू से ही बाहर हो जाएं। पूर्व अंतरिक्ष यात्री और लेखक स्टुअर्ट क्लार्क कहते हैं कि अगर ये बनावटी दिमाग वाली मशीनें इतनी तेज रफ्तार हो जाएं कि इंसान का आदेश मानने से इंकार कर दें, तो बहुत मुमकिन है कि आगे चल कर ये अपना राज कायम करने की कोशिश करें। ऐसी बहुत-सी कल्पनाएं इंसान ने कर रखी हैं। पर, स्टुअर्ट क्लार्क कहते हैं कि ऐसी सोच से हम एलियन की अपनी तलाश को एक दायरे में बांध देते हैं।

एलियन तलाशने वाली संस्था- सेटी कुछ रेडियो दूरबीनों की मदद से अंतरिक्ष में एलियन के संदेश सुनने की कोशिश करती है, खास तौर से उन जगहों पर जहां अंतरिक्ष यानों ने नए ग्रह की संभावना जताई है। इन ग्रहों पर पानी और हवा होने की उम्मीद है। दिककत यह है कि मशीनी एलियन को रहने के लिए पानी और हवा की जरूरत ही नहीं। शोस्टाक का मानना है कि ये मशीनी एलियन ब्रह्मांड में कहीं भी हो सकते हैं।

इन्हें ऊर्जा की बड़े पैमाने पर जरूरत होगी। इसलिए हमें अंतरिक्ष के उन कोनों में झांकना चाहिए जहां पर ऊर्जा के बड़े स्रोत होने की संभावना हो। इसके लिए सेटी को अपनी दूरबीनें धरती पर लगाने की बजाय अंतरिक्ष यानों के साथ अंतरिक्ष में भेजनी चाहिए। एलियन तलाशने का दूसरा तरीका यह हो सकता है कि धरती से किसी खास ग्रह या ब्रह्मांड के किसी खास कोने की तरफ रेडियो संदेश भेजे जाएं। हालांकि स्टीफन हॉकिंग ने इसका विरोध किया था, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे धरती के लिए खतरा बढ़ जाएगा, क्योंकि यह भी हो सकता है कि हमसे ताकतवर जीव ब्रह्मांड में कहीं हों और उन्हें हमारे बारे में अब तक पता न हो। मगर रेडियो संदेश मिलते ही वे हमें तलाशते हुए आ जाएं। ऐसे में मानवता का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

एलियन को लेकर तरह-तरह की बातें की जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि सरकारों के पास एलियन को लेकर काफी जानकारी है, लेकिन लोगों से छिपाया जाता है। कुछ वैज्ञानिकों और लेखकों का दावा है कि एलियन धरती पर इंसानों के बीच काम कर रहे हैं। स्टैंटन फ्रीडमन एक न्यूक्लियर वैज्ञानिक थे, जिनका निधन मई, 2019 में हो गया था। उन्होंने अमेरिका की चर्चित रोजवेल यूएफओ दुर्घटना की जांच की थी।

वे अपनी बात पर कायम थे कि एलियन हमारे बीच हैं। उन्होंने कहा था कि इस बात के बहुत प्रमाण हैं कि एलियन ने धरती का भ्रमण किया है और वे लोगों के साथ रह रहे हैं। एरिया-51 के बारे में कहा जाता है कि वह अमेरिकी सरकार ने एलियन को छिपा रखा है। इसकी हकीकत क्या है, इसके बारे में ज्यादा मालूम तो नहीं है। लेकिन पहले तो अमेरिकी सरकार एरिया-51 के अस्तित्व को ही नकारती रही है, फिर बाद में इसको स्वीकार किया। कुछ का कहना है कि वहां उड़न तश्तरी का परीक्षण किया गया था।

एडवर्ड स्नोडन अमेरिका के बारे में काफी सनसनीखेज दावे करते रहे हैं। कहा जाता है कि स्नोडन जब सीआइए में काम करते थे, तब उन्होंने गोपनीय सूचनाओं की चोरी की थी। बाद में इन सूचनाओं को उजागर करने का दावा किया था। इन सूचनाओं से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका को टॉल वाइट नाम के एलियनों से निर्देश मिलता है। यह एलियन की वही प्रजाति है जिसके बारे में दावा है कि इसने नाजियों को प्रथम विश्वयुद्ध से पूर्व सत्ता दिलाई थी।

ऐसा दावा है कि पहले विश्व युद्ध के बाद फिर इन एलियनों ने अमेरिका को काबू करना शुरू कर दिया। अमेरिका के कृषि विभाग ने कुछ ऐसी जानकारियां साझा की हैं जिससे ऐसा लगता है कि एरिजोना के टोनटो नेशनल फॉरेस्ट में शायद एलियन मौजूद हैं। इनके गुप्त ठिकानों और गतिविधियों को देखने का दावा भी किया गया। साथ ही वहां उड़नतश्तरी देखने की बातें भी सामने आर्इं।

रूस के राजनीतिक किरसान इल्युझिनोव ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया था। उनका कहना था कि 18 सितंबर, 1997 को एलियन उनके अपार्टमेंट में उनसे मिलने आए थे। इसके बाद एलियन ने उनका अपहरण कर लिया था। यह कहानी दो वजहों से विश्वसनीय मानी जाती है। एक तो इल्युझिनोव के ड्राइवर, मंत्री और सहायक ने इस बात की पुष्टि की थी कि वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे।

दूसरा कारण यह है कि रूस की सरकार भी ऐसा मानती है। वास्तव में रूसी सरकार को तो यह चिंता है कि उन्होंने अगर एलियन के साथ गोपनीय सूचना साझा कर दी होंगी तो रूस को खतरा हो सकता है। रूस के पूर्व प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव कई बार एलियन की मौजूदगी के बारे में कह भी चुके हैं। एक बार उनके मुंह से निकल पड़ा था कि एलियन इंसानों के बीच रहता है और उनके साथ मिल कर काम करता है। कनाडा के पूर्व रक्षा मंत्री पाउल हेलर ने दावा किया था कि एलियन धरती पर आते रहते हैं। उनके मुताबिक, इधर कुछ सालों से उनकी गतिविधि बढ़ गई है। दरअसल वे धरती पर परमाणु हथियारों की होड़ से काफी चिंतित हैं।

Next Stories
1 राजनीति: अस्थिरता की ओर बढ़ता पाक
2 राजनीति: अर्थव्यवस्था बनाम प्रदूषण
3 राजनीति: डिजिटल युग और महिलाएं
यह पढ़ा क्या?
X