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शिया वक्‍फ बोर्ड के चेयरमैन का दावा- गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए मुसलमानों को उकसा रही कांग्रेस

शिया वक्‍फ बोर्ड के अध्‍यक्ष वसीम रिजवी ने गुजरात में राजनीतिक बढ़त बनाने में जुटी कांग्रेस पर सनसनीखेज आरोप लगाया है।
Author नई दिल्‍ली | December 6, 2017 15:23 pm
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी। (फाइल फोटो)

शिया वक्‍फ बोर्ड के अध्‍यक्ष वसीम रिजवी ने गुजरात में राजनीतिक बढ़त बनाने में जुटी कांग्रेस पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्‍होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी राज्‍य में मुसलमानों को गुजरात दंगा का बदला लेने के लिए उकसा रही है। रिजवी ने साथ ही यह भी कहा कि गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों के बाद गुजरात में पूरी तरह शांति है। वर्ष 2002 में हुए दंगों में सैकड़ों लोग मारे गए थे। इसके अलावा हजारों करोड़ की संपत्तियां तबाह हो गई थीं। वहां पिछले 15 वर्षों में किसी तरह की हिंसा नहीं हुई है।

वसीम रिजवी ने कहा, ‘मैंने गुजरात के मुसलमानों से बात की है। कहीं न कहीं कांग्रेस कार्यकर्ता वहां के मुसलमानों को समझा रहे हैं कि अगर मौजूदा हुकूमत चली गई और कांग्रेस की सरकार बन गई तो वह सिर उठाकर जिएंगे। उनकेे जेहन में कहीं न कहीं यह भी फीड किया जा रहा है कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गुजरात दंगों का बदला भी लिया जाएगा। यह एक बहुत गंभीर बात है। दंगों के बाद से गुजरात आज तक शांत है। उस शांत गुजरात में कांग्रेस कहीं न कहीं दंगे की चिंगारी पैदा कर रही है। गुजरात के मुसलमानों को सोचना पड़ेगा कि यदि कांग्रेस का साथ देना है तो ऐसा सोच-समझ कर करना होगा। कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिमों को नुकसान पहुंचाया है।’

मंदिर-मस्जिद विवाद में कांग्रेस खेल रही गेम: शिया वक्‍फ बोर्ड के अध्‍यक्ष वसीम रिजवी ने राम जन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर भी चौंकाने वाली बात कही है। उन्‍होंने बताया कि कांग्रेस मंदिर-मस्जिद मामले में गेम खेल रही है। कांग्रेस नहीं चाहती कि यह मामला हल हो। न मंदिर बने और न मस्जिद। इस मामले में अगर कोई असली राजनीति कर रही है तो वह कांग्रेस है। बकौल रिजवी, वह इस सिलसिले में कई जगहों के मुसलमानों से टच में हैं और आम सहमति बनाने की कोशिश में जुटे हैं। रिजवी ने बताया क‍ि उन्‍होंने इस बाबत गुजरात के मुसलमानों से भी बात की है। मालूम हो कि राम मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अंतिम दौर की सुनवाई चल रही है। मंगलवार को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने इसे फिलहाल टाल दिया है।

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