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राजनीति

प्रचार का गोरखधंधा

विनीत कुमार अपने बेहद लोकप्रिय उत्पाद मैगी के प्रतिबंधित किए जाने और चौतरफा हो रही बदनामी से उबरने के लिए नेस्ले कंपनी अब अमेरिका...

बिहार में नए समीकरण

धर्मेंद्रपाल सिंह बिहार विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के भविष्य से जुड़ा है। नवंबर 2013 से लगातार चुनावी जीत की लहर पर सवार प्रधानमंत्री...

शांति के पक्ष में

India-China-Pakistan: क्या आपने कभी भारत-चीन विवाद पर चीन का पक्ष जानने की कोशिश की है? पाकिस्तान आखिर क्या कहता है- क्यों उसे भारत से...

सभ्यता की अधोगामी दिशा

आज विश्व में सभी देश अपनी अर्थव्यवस्था को औद्योगिक अर्थव्यवस्था में बदलने में जुटे हैं। यह सिलसिला यूरोप में 1800 ईस्वी के आसपास आरंभ...

नेहरू का अकेलापन

नेहरू की मृत्यु के इक्यावन साल पूरे हो गए। लेकिन इस साल सत्ताईस मई यों ही निकल गई। गांधी की जगह नेहरू को गोली...

बिहार की बिसात पर

कुमार प्रशांत बिहार की राजनीतिक उथल-पुथल ने कितनी ही बार देश की राजनीति की कुंडली लिखी और बदली है! लेकिन ऐसे हर मौके पर...

नेट निरपेक्षता का सवाल

अजेय कुमार इंटरनेट का जन्म सत्तर के दशक के शुरू में सबसे पहले अमेरिकी सरकार द्वारा बनाए गए एक रक्षा मंत्रालय संबंधी नेटवर्क से...

नेहरू को नकारने के निहितार्थ

सौरभ वाजपेयी आजादी की लड़ाई पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है। नेहरू इस हमले का मुख्य निशाना हैं। नेहरू का नाम आते ही...

अरुणा शानबाग: स्त्री-सुरक्षा, कानून और समाज

अरुणा शानबाग का मूर्च्छित शरीर बयालीस साल तक समाज के सामने एक ऐसा न्यायिक तकाजा बन कर जिंदा रहा जिसके मुकाबले कानून हमेशा कमजोर...

बल्लभगढ़ दंगा: अटाली के आईने में

हम हरियाणा भवन के सामने हैं। एक ‘वाटर कैनन’ सामने खड़ी है। दिल्ली पुलिस के जवान लाठियों के साथ तैनात। महिला-पुलिस भी। मई की...

जॉर्ज की कुछ यादें

के. विक्रम राव आज (तीन जून) बागी लोहियावादी जॉर्ज मैथ्यू फर्नांडीज पचासी के हो गए हैं। पर उन्हें पता नहीं है। स्मृति-लोप के कारण।...

दिल्ली की रस्साकशी में

अजय मेहरा अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) और दिल्ली के उपराज्यपाल, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में द्वैध शासन प्रणाली के कारण...

किसके अच्छे दिन आए

पंकज शर्मा प्रधानमंत्री बनने का नरेंद्र मोदी का सपना देश की जनता ने हुलक कर पूरा किया था, लेकिन जो सपना मोदी ने जनता...

आधुनिक राज्य और स्वराज्य

बनवारी पश्चिमी शिक्षा ने हमारी राजनीतिक बुद्धि को कितना कुंद कर दिया है, इसका प्रमाण आधुनिक राज्य व्यवस्था के बारे में हमारी अधकचरी समझ...

सीमेंट का सौंदर्य

सुंदर शहर बनाने वाले सुंदर होने चाहिए। वे लंबे, सुगठित देह वाले होने चाहिए। उनके काम करने में अहसान करने वाली अहंकारी (एरोगेंट) लय...

रोजगार का टूटता आधार

अफलातून खेती के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाले हथकरघा उद्योग, कुटीर उद्योग, लघु उद्योग और जंगल पर आश्रित रोजगार के अवसरों को समाप्त...

विस्थापन का विकास

धर्मेंद्रपाल सिंह भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य तर्क एक ही था कि मनमोहन सरकार द्वारा लागू भूमि अधिग्रहण...

मोदी सरकार: एक साल के दावे और हक़ीक़त

अरुण कुमार त्रिपाठी नरेंद्र मोदी ने एक साल पहले मनमोहन सिंह की जिस लुंजपुंज और भ्रष्ट यूपीए सरकार को बुरी तरह हरा कर सत्ता...