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राजनीति

भू-अधिग्रहण के कायदे

पानाचंद जैन जनसत्ता 22 अक्तूबर, 2014: हाल ही में राजस्थान भू-अधिग्रहण अधिनियम, 2014 विधेयक राज्य विधानसभा में पेश किया गया। लेकिन इससे पहले ही...

सरकारी विज्ञापन बनाम संदेश

केपी सिंह जनसत्ता 20 अक्तूबर, 2014: वरिष्ठ शिक्षाविद माधव मेनन की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति ने सिफारिश की है कि सरकारी...

लूट की संस्कृति में श्रम का मोल

विनोद कुमार जनसत्ता 17 अक्तूबर, 2014: आमिर खान की फिल्म ‘पीपली लाइव’ के अंत में यह जानकारी दी गई कि 1991 से 2001 तक...

राजनीति में संस्कृति का संकट

कृष्णदत्त पालीवाल जनसत्ता 16 अक्तूबर, 2014: एक नया मोदी-युग शुरू हुआ है। यह एक तरह से युगांतर है। आकस्मिक नहीं है कि नेहरू युगीन...

लोक से कटा गंगा विमर्श

अनिल चमड़िया जनसत्ता 15 अक्तूबर, 2014: गंगा के बारे में जो धारणा भारतीय जन-मानस के बड़े हिस्से में सचेतन रूप से खड़ी की गई...

चीनी की कम होती मिठास

केसी त्यागी जनसत्ता 14 अक्तूबर, 2014: महाराष्ट्र की चुनावी सभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए उनकी समस्याओं...

लोकतंत्र की बंद गली

अरुण तिवारी जनसत्ता 13 अक्तूबर, 2014: एक वकील के घर मिलन के अवसर पर लोकमान्य तिलक द्वारा गुलामी को राजनीतिक समस्या बताने की प्रतिक्रिया...

भूमध्य सागर के शोले

अख़लाक़ अहमद उस्मानी जनसत्ता 10 अक्तूबर, 2014: आधुनिक इस्लामी इतिहास की सबसे पीड़ादायक रमजान और ईदुल फित्र के बाद हज के साथ आने वाली...

विदेश नीति बनाम व्यापार

के विक्रम राव जनसत्ता 9 अक्तूबर, 2014: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुणाचल प्रदेश को भारतीय भू-भाग शी चिनफिंग से मनवा नहीं पाए। मुद्दा टल गया।...

भ्रष्टाचार से लड़ने के जोखिम

धर्मेंद्रपाल सिंह जनसत्ता 8 अक्तूबर, 2014: प्रतिष्ठित पत्रिका ‘टाइम्स’ ने 2011 में अपने एक अंक में दुनिया भर में हुए महाघोटालों की सूची प्रकाशित...

मजमे का मनोविज्ञान

नाज़िम नक़वी जनसत्ता 7 अक्तूबर, 2014: हमारे एक पत्रकार मित्र ने, जो स्वभाव से बहुत विनोदी हैं, सोलह मई के दिन एक कोरे कागज...

प्रतीकों की राजनीति

प्रमोद मीणा जनसत्ता 4 अक्तूबर, 2014: गांधीजी के जन्मदिन दो अक्तूबर से देश भर में स्वच्छ भारत अभियान का आगाज करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र...

आगमनी कैसे गाऊं

अपूर्वानंद जनसत्ता 3 अक्तूबर, 2014: धूप का कोण बदलने लगा है। और उसमें तीखापन भी बढ़ रहा है। क्वांर जो ठहरा। सूरज को भी...

बापू की निशानियों की नीलामी क्यों

गिरिराज किशोर जनसत्ता 2 अक्तूबर, 2014: अप्रैल 2012 के बाद से मैं इस बात के लिए परेशान हूं कि गांधी की स्मृतियों से जुड़ी...

अंतिम अरण्य में जीवन

केपी सिंह जनसत्ता 1 अक्तूबर, 2014: महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के लव-कुश प्रकरण में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को राजधर्म का पाठ पढ़ाते हुए कहा...

केम छो अमेरिका

पुष्परंजन जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: अब मोदीजी राजनीति के रॉकस्टार हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में धाराप्रवाह बोलते हुए उन्होंने पाकिस्तान को धोया,...

सामाजिक न्याय का तंग दायरा

जितेंद्र कुमार जनसत्ता 29 सितंबर, 2014: अगस्त 1990 में मंडल आयोग की सिफारिशें लागू करके तब के प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने जिस सामाजिक...

धार्मिक स्वतंत्रता का अर्थ

विष्णु नागर जनसत्ता 26 सितंबर, 2014: भारत ही नहीं, दुनिया भर में धार्मिक कट्टरता और भयंकर पाखंड के इस दौर में मुंबई उच्च न्यायालय...