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राजनीति

बंददिमागी के विरुद्ध बोलने की सजा

एक ऐसे समाज के बारे में क्या कहेंगे, जहां लेखकों को बंदूक की गोलियों का सामना करना पड़ता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर पत्थर...

कैसी महिला मुक्ति है यह

पिछले दिनों हुए खुलासे ने हमें स्तब्ध ही नहीं कर दिया, हमारी सोच और समझ को थोड़ी देर के लिए जैसे ध्वस्त कर दिया...

डूबते कर्ज का बढ़ता मर्ज

कमजोर कर्ज वसूली से बेहाल बैंकों के लिए एक और बुरी खबर है। भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी ताजा जानकारी के...

ब्रिटेन में अनूठी संभावना

सोचिए, अगर आगामी संसदीय चुनाव में ब्रिटेन का प्रधानमंत्री एक गांधीभक्त सत्याग्रही, उपनिवेशवाद-विरोधी, शाकाहारी और तंबाकू तथा शराब से सख्त परहेजी कोई श्रमजीवी व्यक्ति...

संस्कृतियां और विध्वंसक प्रवृत्तियां

आतंकवादी संगठन आइएस की कू्ररता और दूसरे मजहबों, संस्कृतियों, सभ्यताओं को नष्ट करने की उसकी सोच को बार-बार स्पष्ट करने की आवश्यकता नहीं है।...

संस्कृतियां और विध्वंसक प्रवृत्तियां

आतंकवादी संगठन आइएस की क्रूरता और दूसरे मजहबों, संस्कृतियों, सभ्यताओं को नष्ट करने की उसकी सोच को बार-बार स्पष्ट करने की आवश्यकता नहीं है..

क्यों बढ़ रहा है डेंगू का कहर

पिछले कुछ वर्षों से डेंगू ने कई राज्यों में पैर पसार लिए हैं, पर दिल्ली में यह बीमारी कहर बरपाती रही है। डेंगू के...

अधिग्रहण का जमीनी सबक

मोदी सरकार ने ‘भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार विधेयक 2013’ कानून के विवादास्पद संशोधनों को वापस लेने...

स्त्री के भय की कड़ियां

हाल ही में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बलात्कार की घटनाओं को लेकर एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि चार...

फिर भ्रष्टाचार से कौन लड़ेगा

खबर है कि नेशनल प्रिंटिंग प्रेस में व्याप्त कथित अनियमितताएं जिस शख्स की जनहित याचिका की वजह से उजागर हुर्इं, उसने अपने उत्पीड़न के...

बेतरतीब शहरीकरण की मुश्किलें

तेज शहरीकरण की आपाधापी में इंसान उन बुनियादी बातों को भूल चुका है, जो प्रकृति प्रदत्त संसाधनों की हदों से वास्ता रखती हैं। धरती...

आजादी की गुजराती फिसलन

राष्ट्रीय आम सहमति के आधार पर बनी आरक्षण की राह पर भारतीय राजनीति लंबे समय से चलना सीख गई है।

इंटरनेट की दुनिया में हिंदी

तीसरी तकनीकी क्रांति (1980) के बाद इंटरनेट सूचनाओं के आदान-प्रदान का सबसे सुलभ साधन बन चुका है। इसने मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में...

परीक्षा हो या न हो

परीक्षाएं स्कूल-व्यवस्था की खोज का परिणाम हैं। स्वदेशी स्कूलों को मिटा कर जब मैकाले मॉडल की शिक्षा लागू की गई, तो परीक्षा भी स्कूलों,...

ताकि प्राथमिक शिक्षा में सुधार आए

देश की प्राथमिक शिक्षा में सुधार हो, सरकारें इस मुद्दे पर दशकों से विचार कर रही हैं। लेकिन यह सुधार कैसे होगा, इस पर...

धर्म के खोटे सिक्के

भारत को पूरे विश्व में विभिन्न धर्मों, आस्थाओं, नाना प्रकार के विश्वास और अध्यात्मवाद के लिए जाना जाता है। इस देश की धरती ने...

बैंकों की बिगड़ती सेहत

सरकारी बैंकों को खतरे से उबारने के लिए सरकार ने एक बार फिर अपना खजाना खोल दिया है। अगले चार वर्षों में वह इन...

जीएसटी की कसौटी पर

संसद का सत्र लोक-अपेक्षाओं को पूर्ण करने का एक मंच होता है। संवैधानिक उद््देश्यों की प्राप्ति के लिए ही सरकार संविधान में संशोधन, परिवर्धन...