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राजनीति

चिंता या हस्तक्षेप

अरुण माहेश्वरी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत में अपने अंतिम भाषण में भारतीयों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करने वाली संविधान की उस...

भाषाई मानवाधिकार का मसला

लाल्टू मराठी साहित्य में अपने योगदान के लिए इस साल ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले भालचंद्र नेमाड़े ने कहा है कि अंगरेजी की वजह से...

चुनावी खर्च की मर्यादा का सवाल

धर्मेंद्रपाल सिंह दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान फिर महसूस हुआ कि हमारे कानूनों में कितनी खामियां हैं। निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव...

जो संदेश दिल्ली ने दिया है

गिरिराज किशोर जब भी कहीं सत्ता परिवर्तन होता है तो जनता सोचती है कि आने वाले दिन कैसे होंगे। इस बार दो प्रकार के...

इस जनादेश का मतलब

दिल्ली विधानसभा के चुनाव में जनता ने एग्जिट पोल के तमाम नतीजों से कहीं आगे बढ़ कर आम आदमी पार्टी को बहुमत देकर यह...

लोकतंत्र की उलटी गंगा

कमल नयन काबरा राजस्थान सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर आम ग्रामीणों के स्थानीय स्वशासन में सक्रिय भागीदारी के हक को बहुत कम लोगों...

जनमत निर्धारण का समीकरण

शीतला सिंह लखनऊ में विधाई निकायों के पीठासीन अधिकारियों के सतहत्तरवें सम्मेलन में लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी समस्या सांसदों और विधायकों का वेल...

यह जो समय है

 विष्णु नागर हमारी पीढ़ी ने निराश करने वाले, मगर फिर भी आज से कहीं ज्यादा आशाजनक समय में शुरुआत की थी। इंदिरा युग की...

जमीन की लूट का प्रपंच

यह छिपा तथ्य नहीं है कि आज के दौर में खेती से लोगों का मोहभंग होता जा रहा है। वजह साफ है। जो लोग...

दिल्ली से आ रहे संकेत

अरुण माहेश्वरी क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव नरेंद्र मोदी का वाटरलू साबित होने जा रहा है? आइबी की रिपोर्ट भी कुछ ऐसा ही संकेत देती...

लूट का अध्यादेश

केसी त्यागी बाईस दिसंबर को संसद का सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद सरकार द्वारा जारी अध्यादेश से जहां बिल्डर समुदाय और कॉरपोरेट घराने...

काम का दाम तय करे कौन

स्वामी अग्निवेश पूरे देश के राष्ट्रीय विकास में पैंसठ प्रतिशत योगदान असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का है। इस पैंतालीस करोड़ से अधिक आबादी की...

बिसात, बाजी और मोहरे

विकास नारायण राय किरण बेदी ने अपनी आत्मकथा ‘आइ डेयर’ को एक खुली किताब कहा है। लगता है, अब यह किताब बंद की जा...

प्रपंच के सहारे महिमामंडन

शहादत दिवस पर बापू से जुड़े असंख्य वृत्तांत सहज ही याद आने लगते हैं। उन्हें दुहराने के बजाय गांधी-हत्या के अल्पज्ञात तथ्यों और कथ्यों...

खेती पर गहराता संकट

निरंकार सिंह यूपीए सरकार के दस साल में डेढ़ लाख किसानों ने आत्महत्या की। मोदी सरकार के समय भी यह सिलसिला रुक नहीं रहा।...

तेल का खेल

विजय भंडारी नवगठित नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पानगड़िया ने पदभार ग्रहण करने के बाद जयपुर में एक तरह से अपना पहला नीति...

बराक के लिए बाजार पहले है

पुष्परंजन बराक ओबामा मंगलवार को सऊदी अरब में रहेंगे। राष्ट्रपति ओबामा जब शार्ली एब्दो हिंसा कांड के समय पेरिस नहीं गए, तो यूरोप के...

इस नाजुक दौर में

कृष्णदत्त पालीवाल थोड़े ही समय में मोदी सरकार तमाम असुविधाजनक प्रश्नों से घिर गई है। इस सरकार के ‘विकास’ का एजेंडा आज जनता के...