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राजनीति

चीनी प्रगति की सीमाएं

पिछले तीन दशक में चीन ने विलक्षण प्रगति की है। इस अवधि में वह अमेरिका के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो...

आप की जमीन और वाम

अजेय कुमार मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में विशेषकर और अन्य कई अभियानों के सरकारी विज्ञापनों में गांधीजी की छवि और उनके उपदेशों का...

बड़ी पूंजी के हित का बजट

अरविंद कुमार सेन भारत की जनता ने तेज बदलाव के लिए वोट दिया था। इन अल्फाजों के साथ वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट-भाषण...

किसान के अच्छे दिन कैसे आएंगे

गिरिराज किशोर चौबीस फरवरी को जिस दिन भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की जगह लाया गया विधेयक संसद के सामने कानून बनाने के लिए रखा जाना...

तीस्ता सीतलवाड गिरफ्तारी मामला: कानून के शासन की उलटबांसी

तीस्ता सीतलवाड गिरफ्तारी प्रकरण की न्यायिक विसंगतियों में झांकने के लिए, अब लगभग भुला दी गई बेस्ट बेकरी कांड की जाहिरा शेख को याद...

जमीन पर छिड़ी जंग

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के अगुआ रहे अण्णा हजारे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उसे केवल कॉरपोरेट जगत की चिंता है। वर्ष...

नीतियों का सवाल और विपक्ष

राकेश दीवान दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत केबाद जिस मसले पर आंसू बहाए जा रहे हैं वह है विधानसभा में लगभग शून्य...

फिर क्यों छिड़ी जमीन की लड़ाई

मेधा पाटकर भूमि अधिग्रहण का मुद्दा देश भर में बरसों से उठता रहा है। किसानों, मजदूरों, मछुआरों की जीवनधारा रही भूमि और अन्य संपत्ति...

परमाणु समझौते का गुब्बारा

सत्येंद्र रंजन दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों का विश्लेषण करते हुए जिस एक पहलू की तरफ खूब ध्यान खींचा गया, वह आम लोगों में...

दिल्ली के बाद आप की दिशा

असरार खान आम आदमी पार्टी के मुकाबले हमारे देश की दोनों शीर्ष राष्ट्रीय पार्टियां- भाजपा और कांग्रेस- दिल्ली के विधानसभा चुनावों में जिस अपूर्व...

भाजपा वैचारिक समर्पण की ओर

केसी त्यागी पिछले वर्ष अगस्त में भारत-पाकिस्तान के विदेश सचिवों की होने वाली बैठक भारत सरकार ने निरस्त कर दी थी। तर्क दिया गया...

तीसरी धारा और वामपंथ का विलोपवाद

जो लोग मैदान से बाहर बैठ कर मैच देख रहे हैं, क्या वे यह आश्वस्ति पाल सकते हैं कि वे भी तालियां बजाते हुए...

रेलवे की प्राथमिकताएं क्या हों

रघु ठाकुर कई दशकों से यह चलन रहा है कि हर रेलमंत्री संसाधनों के अभाव का रोना रोता है और बताता है कि रेलवे...

चिंता या हस्तक्षेप

अरुण माहेश्वरी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत में अपने अंतिम भाषण में भारतीयों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करने वाली संविधान की उस...

भाषाई मानवाधिकार का मसला

लाल्टू मराठी साहित्य में अपने योगदान के लिए इस साल ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले भालचंद्र नेमाड़े ने कहा है कि अंगरेजी की वजह से...

चुनावी खर्च की मर्यादा का सवाल

धर्मेंद्रपाल सिंह दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान फिर महसूस हुआ कि हमारे कानूनों में कितनी खामियां हैं। निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव...

जो संदेश दिल्ली ने दिया है

गिरिराज किशोर जब भी कहीं सत्ता परिवर्तन होता है तो जनता सोचती है कि आने वाले दिन कैसे होंगे। इस बार दो प्रकार के...

इस जनादेश का मतलब

दिल्ली विधानसभा के चुनाव में जनता ने एग्जिट पोल के तमाम नतीजों से कहीं आगे बढ़ कर आम आदमी पार्टी को बहुमत देकर यह...