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राजनीति

तेल का खेल

विजय भंडारी नवगठित नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पानगड़िया ने पदभार ग्रहण करने के बाद जयपुर में एक तरह से अपना पहला नीति...

बराक के लिए बाजार पहले है

पुष्परंजन बराक ओबामा मंगलवार को सऊदी अरब में रहेंगे। राष्ट्रपति ओबामा जब शार्ली एब्दो हिंसा कांड के समय पेरिस नहीं गए, तो यूरोप के...

इस नाजुक दौर में

कृष्णदत्त पालीवाल थोड़े ही समय में मोदी सरकार तमाम असुविधाजनक प्रश्नों से घिर गई है। इस सरकार के ‘विकास’ का एजेंडा आज जनता के...

कमाई के बीच बढ़ती खाई

धर्मेंद्रपाल सिंह लगता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) तिहरी रणनीति पर चल रहा है। संघ के तीन धड़े तीन अलग-अलग सुरों में बात कर...

हिंसक हमलों के पूर्वग्रह

पेरिस का शार्ली एब्दो प्रकरण सुरक्षा रणनीतिकारों को ही नहीं, समाजशास्त्रियों और वास्तुकारों को भी समान रूप से हताश कर गया। भारत में भी...

लंदन में गांधी

महेंद्र राजा जैन लंदन के ‘इंडिपेंडेंट’ अखबार में छपे एक समाचार से पता चलता है कि पिछली जुलाई में भारत के साथ ब्रिटेन के...

झारखंड विधानसभा चुनाव: आदिवासी राजनीति की पराजय

झारखंड विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद मैंने रांची में रहने वाले पत्रकारों से अनुरोध किया कि वे अपने प्रदेश के प्रमुख शहरों के नाम...

शार्ली एब्दो हमला: कातिल का धर्म

कहा जाता है कि कातिल का कोई धर्म नहीं होता- कातिल बस कातिल होता है। शार्ली एब्दो की घटना के बाद, जो हत्यारों के...

तंगी में तरक्की की तरकीब

विनोद कुमार मोदी बड़े गर्व से कहते हैं कि वे कभी चाय बेचा करते थे। इससे शायद किसी का नुकसान नहीं था। लेकिन प्रधानमंत्री...

हम कहां जा रहे हैं

हिंदी पट्टी का एक शब्द और क्रिया रही है हांका। यह जंगल, जीवन और जानवर से जुड़ा एक सामूहिक उपक्रम रहा है। जंगली जानवर...

हवा में खोते लोग

मुझे दोनों ही बार खुद के गलत निकलने का अफसोस है! ऐसा इसलिए नहीं कि मैं हमेशा सही निकलता हूं, बल्कि इसलिए कि देश...

बैंकों की दशा सुधारने की कवायद

धर्मेंद्रपाल सिंह देश की अर्थव्यवस्था से आजकल अजीब इशारे मिले हैं। बीते अक्तूबर में औद्योगिक उत्पादन 4.2 फीसद गिरा। जुलाई से सितंबर की तिमाही...

विपक्षी एकता के सिद्धांत

अरुण कुमार त्रिपाठी भारतीय जनता पार्टी की अप्रत्याशित भारी जीत और नरेंद्र मोदी के बढ़ते प्रभाव के बीच समाजवादी कुछ ज्यादा ही मिलने लगे...

क्या हम धर्म के बिना नहीं रह सकते

राजकिशोर कुछ चीजों को अपना काम करके हट जाना चाहिए। प्रकृति भी यही चाहती है। इसीलिए सुमित्रानंदन पंत ने आह्वान किया था: द्रुत झरो...

जो गड्ढे सत्ता खोद रही है

ध्रुव शुक्ल भारत के धर्म विमर्श में घर वापसी का रास्ता धर्मों के त्याग में बताया गया है। श्रीमद्भगवद्गीता में भी यही निष्कर्ष निकाला...

बीमा विदेशीकरण की बेचैनी क्यों

अरविंद मोहन संसद का सत्र खत्म होते ही कई मामलों में अध्यादेश लाना केंद्र सरकार की बेचैनी को तो बताता ही है, हम सबसे...

आत्महत्या, कानून और समाज

केपी सिंह आत्महत्या, या आत्महत्या का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता की धारा 309 के अंतर्गत अपराध है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद...

पुलिस सुधार की कवायद

विकास नारायण राय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पुलिस-व्यवस्था के साथ भी नारेबाजी वाला सलूक कर रहे हैं। कुछ वैसे ही जैसे महंगाई, रोजगार,...