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CM फडणवीस ने शरद पवार पर यूं कसा तंज, कहा- उनकी हालत आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ वाली

Maharashtra Assembly Elections 2019: महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव के लिए मतदान में अब कुछ ही समय बचे हैं। नेताओं के तूफानी दौरों का सिलसिला तेज होने के साथ ही एक-दूसरे पर बयानबाजी करके तंज कसना भी जारी है।

महारा्ष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस (फोटो सोर्स -इंडियन एक्सप्रेस)

महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव होने में अब दो सप्ताह से भी कम समय बचा है। ऐसे में सभी दलों के नेता जनता के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए जी तोड़ कोशिश में लगे हैं। अपनी सभाओं में नेता अपनी-अपनी उपलब्धियां बताने के साथ-साथ दूसरे नेताओं की कमियां भी उजागर करने में जुटे हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख करीब आती जा रही है, नेताओं की सभाएं और दौरे भी तेज होते जा रहे हैं। साथ ही एक-दूसरे पर तंज कसने और निशाना साधने से भी नेता पीछे नहीं हो रहे हैं।

सीएम ने कहा-कांग्रेस और एनसीपी की हार तय  ताजा बयान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से आया है। उन्होंने पिंपरी चिंचवाड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की हार तय हो गई है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हार की डर से बैंकाक चले गए हैं। उन्हें पता है कि उनकी पार्टी इस बार बुरी तरह चुनाव में पराजित होगी। इसी तरह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)के अध्यक्ष शरद पवार पर तंज कसते हुए कहा कि ‘उनकी हालत अब ऐसी हो चुकी है, जैसे आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ और बचे हुए मेरे पीछे आओ’।

National Hindi News, 11 October 2019 Top Headlines Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

कांग्रेस और एनसीपी के कई नेता पार्टी छोड़े हैं  गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और एनसीपी के कई नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी और शिवसेना में चले गए हैं। इससे दोनों दलों की स्थिति काफी खराब हो गई है। महाराष्ट्र में इस बार दो प्रमुख गठबंधनों के बीच मुकाबला है। बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन तथा कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन चुनावी मैदान में हैं। पिछले चुनाव में बीजेपी और शिवसेना में समझौता नहीं हो पाने की वजह से वे अलग-अलग मैदान में थे। हालांकि चुनाव बाद वे दोनों साथ-साथ सरकार बनाए थे।

शिवसेना में भी गठबंधन को लेकर नाखुशी  टूट-फूट केवल कांग्रेस और एनसीपी में ही नहीं हो रही है। शिवसेना के भी कई नेता पार्टी नेतृत्व से नाराज होकर इस्तीफे सौंपे है। वैसे शिवसेना का कोई बड़ा नेता इधर से उधर नहीं हुआ है। स्थानीय स्तर पर पार्षदों ने ही जरूर सीटों के बंटवारे को लेकर नाखुशी जाहिर करते हुए पार्टी से इस्तीफा सौंप दिया है। फिलहाल मतदान में अब बहुत कम समय बचे हैं। ऐसे में हर पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को बचाने में लगी है।

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