मैं हिंदू हूं, था और रहूंगा- बोले कांग्रेस के दिग्विजय; BJP की साध्वी प्रज्ञा ने बताया विधर्मी, कहा- जिसे सबूत देना पड़े वो तो हिंदू नहीं होता

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हिंदू-मुसलमान की बढ़ती आबादी को लेकर कुछ दिन पहले ही बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय ने कहा था कि मुसलमानों की जन्मदर घट रही है और 2028 तक हिंदुओं और मुसलमानों की जन्म दर बराबर हो जाएगी।

मैं हिंदू हूं, था और रहूंगा- बोले कांग्रेस के दिग्विजय (कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता की फाइल फोटो)

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने धर्म के आधार पर बढ़ती आबादी को लेकर कुछ दिन पहले ही बड़ा बयान दिया था। दिग्विजय ने कहा था कि मुसलमानों की जन्मदर घट रही है और साल 2028 तक हिंदुओं और मुसलमानों की जन्म दर बराबर हो जाएगी। उन्‍होंने यह भी कहा था कि जनसंख्‍या को लेकर मुसलमानों से कोई खतरा नहीं है। एक रिपोर्ट की बात करते हुए उन्‍होंने बताया था कि 1951 के बाद से मुसलमानों की जन्‍म दर में गिरावट आई है।

इस बयान के बाद कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस शासन काल में आदिवासियों को पट्टे बांटे गए थे, लेकिन अभी उन जमीनों पर किसी और का ही कब्‍जा है। उन लोगों को शर्म करनी चाहिए। अपने आबादी वाले बयान पर सवाल का जवाब देते हुए दिग्‍विजय सिंह ने कहा कि मैं हिंदू हू, था और हमेश हिंदू ही रहूंगा। एक अच्‍छा हिंदू वही होता है, जो अच्‍छे मुसलमान और अन्‍य धर्मों का भी सम्‍मान करे। इसी को लेकर भाजपा नेता साध्‍वी प्रज्ञा ने कहा कि ये इंसान विधर्मी है, जो सबूत दे रहे हैं। जिसे सबूत देना पड़े, वो हिंदू नहीं हो सकता।

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2028 तक हिंदु और मुसलमानों की जन्‍म दर बराबर हो जाएगी
बता दें कि सीहोर में किसान पदयात्रा कार्यक्रम के समापन के दौरान बुधवार को टाउन हॉल में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि देश में हिंदुओं के मुकाबले मुसलमानों की जन्म दर लगातार घट रही है। 1951 से लेकर आज तक मुसलमानों की जन्म दर जितनी तेजी से घट रही है उतनी तेजी से हिंदुओं की जन्म दर नहीं घटी है, लेकिन आज भी मुसलमानों की जन्म दर 2.7 है और हिंदुओं की 2.3 है। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस प्रकार से जन्म दर घट रही है, 2028 तक हिंदुओं की और मुसलमानों की जन्म दर बराबर हो जाएगी और उस समय पूरे देश में जनसंख्या स्थिर हो जाएगी। जो भी बढ़ोतरी होगी वो 2028 तक होगी। उसके बाद नहीं होगी।

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इस रिपोर्ट की बात कर रहे दिग्विजय
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जिस रिपोर्ट का जिक्र किया था उसके अनुसार, वह प्यू रिसर्च सेंटर वॉशिंगटन डीसी ने तैयार की है। सेंटर ने यह अध्ययन हर 10 साल में होने वाली जनगणना और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों के आधार पर किया है। इसमें बताया गया है कि भारत की धार्मिक आबादी में किस तरह के बदलाव आए हैं।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई लगभग सभी धार्मिक समूहों की प्रजनन दर में काफी कमी आई है। भारत में सबसे ज्यादा हिंदुओं की आबादी है और आम धारणा है कि मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है लेकिन इस रिपोर्ट में 1992 से 2015 के बीच के आंकड़ों को सामने रखते हुए बताया गया है कि सभी धार्मिक समूहों में जन्म दर (बच्चों की संख्या) में कमी आई है।

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