कपिल सिब्बल के बाद अपनी ही पार्टी पर उंगली उठाने लगे सीनियर नेता, अब CWC की मीटिंग में होगा मंथन, अध्यक्ष बदलने पर भी हो सकती है चर्चा

कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल के बीच पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने पार्टी की इस हालत के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को जिम्मेदार बताया है।

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सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह और गुलाम नबी आजाद(फोटो सोर्स: PTI)

पंजाब में सियासी भूचाल के बाद कांग्रेस के ही दिग्गज नेता, पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने लगे हैं। वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, “पता नहीं, कांग्रेस में फैसले कौन ले रहा है। जिन्हें नेतृत्व अपना खास मानता था, वो लोग पार्टी छोड़ते जा रहे हैं।” उन्होंने कहा- हम (जी-23 के नेता) उनमें से नहीं हैं जो पार्टी छोड़कर कहीं और जाएंगे। हम आज भी पार्टी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर इंतजार में हैं। हालांकि सिब्बल के इस बयान के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।

नटवर सिंह ने भी उठाया सवाल: कांग्रेस के पूर्व नेता और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने पार्टी की इस हालत के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने इन तीनों को अपनी गलती मान लेनी चाहिए थी लेकिन ऐसा वो नहीं कर सकेंगे। क्योंकि तीनों खुद को तीस मार खां समझते हैं।

पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि अब कांग्रेस में कुछ भी सही नहीं हो रहा। राहुल गांधी बिना पद के पार्टी के हर बड़े फैसले लेते हैं। उन्होंने कहा कि, अब न तो CWC की मीटिंग होती है और न ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाती है।

पी. चिदंबरम ने भी बोला हल्ला: पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी एक ट्वीट में कहा कि “पार्टी फोरम में सार्थक बातचीत नहीं होने पर खुद को असहाय महसूस करता हूं। जब मैं अपने एक सहयोगी(कपिल सिब्बल) और सांसद के आवास के बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को नारेबाजी करते देखता हूं तो आहत और असहाय महसूस करता हूं।”

बता दें कि कपिल सिब्बल के घर के बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के उपद्रवपूर्ण प्रदर्शन पर कांग्रेस के ही कई नेताओं ने विरोध जताया और पार्टी हाईकमान से ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की बात कही। जहां मनीष तिवारी ने इसे गुंडागर्दी बताया, तो वहीं आनंद शर्मा ने सोनिया गांधी से इसपर एक्शन लेने की बात कही। भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भी कहा कि, कपिल सिब्बल के घर के बाहर जो हुआ वो कांग्रेस की संस्कृति नहीं है। हालांकि विरोधी सुर देखने के बाद भी पार्टी आलाकमान ने इसपर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। ऐसे में पार्टी के जी-23 नेताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

वहीं बुधवार को, कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आज़ाद ने पंजाब सहित कई राज्य इकाइयों में हो रही उथल-पुथल पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की कि, पार्टी में चल रहे आंतरिक संकट पर चर्चा के लिए जल्द ही सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई जाए।

जल्द होगी सीडब्ल्यूसी की बैठक: वरिष्ठ नेताओं के सवालों के बीच समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था बहुत जल्द ही सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में नेतृत्व को सुधारने, पार्टी की हालत पर मंथन और पार्टी अध्यक्ष बदलने पर भी चर्चा हो सकती है।

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