ताज़ा खबर
 

AAP ने लखनऊ में खोला 4 गुना बड़ा दफ्तर, योगी सरकार को संजय सिंह का चैलेंज- दोबारा सील करा दिखाएं

नए कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद संजय सिंह ने कहा, ‘लोकतंत्र में हमारा काम है कि सरकार को हम आईना दिखाएं। डेमोक्रेसी में चुनी गई सरकार कोई तुगलकी सरकार नहीं हो सकती। कोई तानाशाही सरकार नहीं हो सकती।’

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: September 11, 2020 3:56 PM
आप ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में गोमती नगर में 11 सितंबर को पार्टी नया ऑफिस खोला। यह पहले वाले से चार गुना बड़ा है। (सोर्स- सोशल मीडिया)

आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार यानी 11 सितंबर 2020 को लखनऊ में पार्टी का नया कार्यालय खोला। यह कार्यालय पार्टी के पुराने कार्यालय से 4 गुना बड़ा है। यह कार्यालय लखनऊ के गोमतीनगर में स्थित है। आप सांसद संजय सिंह ने पार्टी के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को दफ्तर को दोबारा सील करने की चुनौती भी दी है।

बता दें कि आप का लखनऊ में जो पहले कार्यालय था। उस पर पिछले महीने की 16 तारीख पर ताला पड़ गया था। जिस बिल्डिंग में कार्यालय खोला गया था पार्टी ने उसे किराए पर ले रखा था। तब संजय सिंह पर छह मुकदमे भी दर्ज हुए थे। जिसके बाद संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा था। संजय सिंह ने सवालिया लहजे में कहा था, ‘क्या अब डंडेशाही से उत्तर प्रदेश चलेगा? आप यह एफआईआर-एफआईआर खेलना बंद करिए। यह बचकाना खेल बंद करिए।’

संजय सिंह ने कहा था, ‘आम आदमी पार्टी का दफ्तर बंद कर सकते हैं योगी जी, लेकिन सच की आवाज नहीं बंद हो सकती। आपके जुल्म-ज्यादती के खिलाफ बोलता रहा हूं और बोलता रहूंगा। लखनऊ में हूं गिरफ्तार करो।’ इसके बाद आज आम आदमी पार्टी का नया कार्यालय खोल दिया। संजय सिंह ने फीता काटकर नए कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान आप आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

नए कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद संजय सिंह ने फिर योगी सरकार को घेरने का काम किया। राज्यसभा सांसद और पार्टी के उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने कहा, ‘लोकतंत्र में हमारा काम है कि सरकार को हम आईना दिखाएं। डेमोक्रेसी में चुनी गई सरकार कोई तुगलकी सरकार नहीं हो सकती। कोई तानाशाही सरकार नहीं हो सकती। उसको जनता को सुनना पड़ेगा और उसके मुताबिक काम करना पड़ेगा।’

संजय सिंह ने कहा, ‘किसी भी पार्टी को चलाने के लिए चार क की जरूरत होती है। कार्यकर्ता, कार्यक्रम, कार्यालय और कोष। मुझे आज वह दिन भी याद आ रहा है कि योगी सरकार ने मेरा कार्यालय बंद करवा दिया। आज यह कार्यालय किसी के सहयोग से मिला। बहुत बड़ा कार्यालय है। यहां से पार्टी के सभी कार्यक्रम संचालित होने के साथ-साथ मेंबरशिप का अभियान भी यहीं से चलेगा।’

Next Stories
1 राजनीतिः ध्वस्त मीनारें और बदले के अभियान
2 राजनीतिः चक्रव्यूह में हिंदी
3 राजनीति: महिला सबलीकरण की हकीकत
यह पढ़ा क्या?
X