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न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय की बढ़ती मौजूदगी ने देश के सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को नई पहचान दी है। ताजा जनगणना के अनुसार, भारतीय समुदाय की आबादी 3 लाख से अधिक हो चुकी है और अब यह न्यूजीलैंड का तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह बन गया है। इसी बढ़ती भारतीय आबादी के बीच ऑकलैंड का उपनगर पापाटोएटोए (Papatoetoe) ‘लिटिल इंडिया’ के रूप में अपनी खास पहचान बना चुका है। (Photo Source: Pexels)
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क्यों कहा जाता है पापाटोएटोए को ‘लिटिल इंडिया’?
पापाटोएटोए में भारतीय मूल के लोगों की आबादी सबसे अधिक है। यहां कुल आबादी का लगभग 25.2 प्रतिशत हिस्सा भारतीय मूल के लोगों का है, जो पूरे न्यूज़ीलैंड में सबसे अधिक है। यही वजह है कि यह इलाका भारतीय संस्कृति, परंपराओं, व्यवसाय और सामुदायिक जीवन का प्रमुख केंद्र बन गया है। (Photo Source: Pexels) -
भारतीय संस्कृति की झलक
पापाटोएटोए की गलियों में घूमते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे भारत का कोई छोटा शहर हो। यहां भारतीय किराना स्टोर, मसालों की दुकानें, मिठाई की दुकानें, पारंपरिक परिधान बेचने वाले शोरूम और भारतीय रेस्तरां बड़ी संख्या में मौजूद हैं। इन बाजारों में दालें, मसाले, चावल और अन्य भारतीय खाद्य सामग्री आसानी से मिल जाती है। (Photo Source: Pexels) -
सैंड्रिंघम भी है भारतीय संस्कृति का केंद्र
पापाटोएटोए के अलावा ऑकलैंड का सैंड्रिंघम (Sandringham) इलाका भी भारतीय समुदाय के बीच काफी लोकप्रिय है। इसे भी अक्सर ऑकलैंड का ‘लिटिल इंडिया’ कहा जाता है। यहां दक्षिण भारतीय किराना स्टोर, मसालों की दुकानें, डेयरी स्टोर और कई प्रसिद्ध भारतीय रेस्तरां मौजूद हैं, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करते हैं। (Photo Source: Pexels) -
कैसे बनी यह पहचान?
1990 और 2000 के दशक में दक्षिण एशियाई देशों से बड़ी संख्या में लोग न्यूजीलैंड पहुंचे। इन प्रवासियों ने पापाटोएटोए में अपने व्यवसाय स्थापित किए और धीरे-धीरे यह इलाका भारतीय समुदाय का प्रमुख केंद्र बन गया। हालांकि इसकी बहुसांस्कृतिक पहचान कई दशकों से विभिन्न समुदायों के योगदान से विकसित होती रही है। (Photo Source: Pexels) -
डायवर्स कल्चर का अनूठा संगम
पापाटोएटोए केवल भारतीय संस्कृति तक सीमित नहीं है। यहां भारतीय खाद्य पदार्थों के साथ-साथ प्रशांत द्वीपों (Pacific Islands) के पारंपरिक खाद्य पदार्थ जैसे टैरो और कसावा भी आसानी से मिलते हैं। रंग-बिरंगे बाजार, व्यस्त सड़कें और सामुदायिक गतिविधियां इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को और भी खास बनाती हैं। (Photo Source: Pexels) -
भारतीय समुदाय का बढ़ता प्रभाव
आज पापाटोएटोए केवल भारतीयों के रहने की जगह नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड में भारतीय संस्कृति, उद्यमिता और सामाजिक योगदान का एक मजबूत प्रतीक बन चुका है। यहां का जीवंत बाजार, सांस्कृतिक आयोजन और छोटे-बड़े व्यवसाय इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय समुदाय देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। (Photo Source: Pexels)
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