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भारत में कई ऐतिहासिक और प्राचीन गुफाएं हैं जो अपनी अद्भुत वास्तुकला और इतिहास के लिए जानी जाती हैं। गुफाओं के बारे में कई तरह के प्राचीन किस्से और कहानियां सुनने को मिलती रहती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत के किस जगह को गुफाओं का शहर कहा जाता है। आइए जानते हैं: (Photo Source: Pexels)
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मुंबई में एक द्वीप है जहां तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। दूर से समुद्र की बीच हरी-भरी पहाड़ियां दिखाई देती हैं और इन्हीं पहाड़ियों के अंदर चट्टानों को काटकर प्राचीन मंदिर और विशाल मूर्तियां बनाई गई हैं। (Photo Source: Pexels)
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दरअसल, घरापुरी जिसे अब एलीफेंटा द्वीप के नाम से जाना जाता है, उसे ‘गुफाओं का शहर’ कहते हैं। यह द्वीप अपनी प्राचीन चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है। इसमें से कई गुफाएं भगवान शिव को समर्पित हैं। (Photo Source: Pexels)
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द्वीप का पुराना नाम घारापुरी था। यूनेस्को के अनुसार, द्वीप पर प्राचीन मानव गतिविधियों के प्रमाण दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व तक जाते हैं, जबकि वर्तम रॉक-कट गुफाओं का निर्माण मुख्य रूप से लगभग 5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी के आसपास हुआ माना जाता है। (Photo Source: Pexels)
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इस गुफा की सबसे खास यहां कि विशाल पत्थर की मूर्तियां बनाती हैं। गुफाओं में भगवान शिव से जुड़े कई रूपों और कथाओं को चट्टानों पर उकेरा गया है। इसमें नटराज, अर्धनारीश्वर और सदाशिव जैसे रूपों की कलात्मक अभिव्यक्तियां देखने को मिलती हैं। (Photo Source: Pexels)
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सबसे प्रसिद्ध त्रिमूर्ति की विशाल मूर्ति है। इसमें शिव के तीन मुख नजर आते हैं और इसे एलिफेंटा की सबसे महत्वपूर्ण कलाकृतियों में गिना जाता है। (Photo Source: Pexels)
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यहां बोसाल्ट चट्टानें जो काफी कठोर होते हैं। गुफा में विशाल स्तंभ, मंडप, मूर्तियां और चट्टानों पर बनाई गई बारीक नक्काशी भी है। (Photo Source: Pexels)
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