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भारत में चंदन की लकड़ी का बेहद ही खास महत्व है। इसका धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व काफी गहरा है। हिंदू धर्म में चंदन का इस्तेमाल पूजा-पाठ, तिल और देवी-देवताओं के श्रृंगार में लंबे समय से होता आया है। (Photo Source: Magnific)
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चंदन की लकड़ी में प्राकृतिक खुशबू और तेल पाया जाता है। सफेद चंदन को विशेष रूप से पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी लकड़ी को घिसकर पानी या गुलाबजल की मदद से चंदन का लेप तैयार किया जाता है। चंदन का इस्तेमाल माथे पर तिलक लगाने के लिए भी किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि देश के किस जगह को ‘चंदन शहर’ कहते हैं और किस राज्य में उसका उत्पादन सबसे अधिक होता है। आइए जानते हैं। (Photo Source: Pexels)
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इसे कहते हैं ‘चंदन शहर’
दरअसल, मैसूर को चंदन का शहर कहा जाता है। मैसूर और इसके आसपास के क्षेत्र लंबे समय से चंदन के पेड़ों के लिए जाने जाते हैं। (Photo Source: Indian Express) -
सबसे अधिक चंदन उत्पादन वाला राज्य
वहीं, भारत में सबसे अधिक चंदन का उत्पदान कर्नाटक राज्य करता है। कर्नाटक के मैसूर, शिवमोग्गा, धारवाड़, हावेरी, हासन, चिकमगलूर और बेलगावी जैसे क्षेत्रों में चंदन के उत्पादन के लिए जानते जाते हैं। (Photo Source: Indian Express) -
कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी चंदन का उत्पादन होता है। (Photo Source: Unsplash)
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कहां-कहां होता है चंदन का इस्तेमाल
चंदन का तेल के अलावा साबुन, अगरबत्ती, इत्र और सजावटी सामान जैसे कई उत्पाद तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। (Photo Source: Unsplash) -
चंदन के पेड़ में सुगंधित तेल का प्रमुख हिस्सा उसके तने के अंदरूनी हिस्सा जिसे हर्टवुड कहते हैं, उसमें जमा होता है। इसलिए पेड़ की उम्र और लकड़ी की गुणवत्ता का आपस में संबंध होता है। (Photo Source: Magnific)
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महंगा क्यों होता है
आमतौर पर चंदन के पेड़ को लाल सोना भी कहा जाता है। दरअसल, इसकी कीमत काफी महंगी होती है। अच्छी गुणवत्ता वाली सुगंधित लकड़ी बनने में कई साल लगते हैं। पेड़ के अंदर जिस हिस्से में सुगंधित तेल अधिक मात्रा में जमा होता है, वह समय के साथ विकसित होता है। यही वजह है कि इसकी कीमत अधिक होती है। चंदन की सबसे मूल्यवान लकड़ी तने के अंदर का हर्टवुड होता है। पेड़ का बाहरी हिस्सा उतना मूल्यवान नहीं होता। (Photo Source: Pexels)
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