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हर शहर अपने अंदर न जाने कितनी अनगिनत कहानियां समेटे हुए है। कोई अपने खानपान के लिए मशहूर है, तो कोई अपनी अनोखी वेशभूषा और संस्कृति के लिए लोगों के बीच लोकप्रिय है। भारत का तो लगभग हर शहर अपने साथ समृद्ध इतिहास, रहस्य और सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए है। (Photo Source: Indian Express)
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आज हम जानें भारत के उस शहर के बारे में जिसे काले हीरे की धरती कहते हैं। यह शहर ‘सिटी ऑफ ब्लैक डायमंड’ के नाम से भी प्रसिद्ध है। (Photo Source: Indian Express)
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झारखंड के धनबाद शहर को ‘सिटी ऑफ ब्लैक डायमंड’ कहा जाता है। धनबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों में कई विशाल कोयले के भंडार हैं, जिसके चलते इस नाम से जाना जाता है। लेकिन काले हीरे की धरती धनबाद को नहीं किसी और शहर को कहते हैं। (Photo Source: Indian Express)
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बताते चलें कि भारत में कोयले का उत्पादन देश के ऊर्जा क्षेत्र और औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। इसकी शुरुआत 1774 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने दामोदर नदी के पश्चिमी तट पर स्थित रानीगंज कोलफील्ड में की थी। (Photo Source: Indian Express)
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दरअसल, पश्चिम बंगाल के आसनसोल को काले हीरे की धरती कहा जाता है। भारत में कोयले के सबसे बड़े उत्पाद करने वालों में यह शहर भी शामिल है। (Photo Source: Indian Express)
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धनबाद को भारत की कोयला राजधानी के नाम से भी जाना जाता है जो पूरे विश्व में मशहूर है। हालांकि, कोयले के खदानों में सिर्फ कोयले नहीं बल्कि कई तरह के महत्वपूर्ण खनिज भी पाए जाते हैं। (Photo Source: Indian Express)
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हालांकि कोयला उत्पादन और उपभोक्ता के मामले में भारत दुनिया में दूसरे पायदान पर है। इस मामले में चीन सबसे टॉप पर है। भारत के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार है। (Photo Source: Indian Express)
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झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी कोयला पाया जाता है, जो देश के अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। (Photo Source: Indian Express)
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जब बिजली का आविष्कार नहीं हुआ था, तब कोयला रोजमर्रा के जीवन में अहम भूमिका निभाता था। इसकी मदद से घरों में आग जलाने, भोजन पकाने और मिट्टी के बर्तन पकाने के लिए किया जाता है। (Photo Source: Indian Express)
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भारत में जब कोयले की खोज हुई तो बिजली उत्पादन और यातायात में इसने अहम भूमिका निभाई। 18वीं सदी के बाद कोयला रेलवे के लिए मुख्य ईंधन बन गया था। इसके साथ ही कई तरह के धातुओं को पिघलाने में भी कोयले का इस्तेमाल किया जाता है। (Photo Source: Indian Express)
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आज के समय में कोयले का सबसे बड़ा उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है, जिससे दुनिया के कई देशों की बिजली की मांग पूरी होती है। इसके अलावा स्टील निर्माण, सीमेंट उत्पादन और अन्य रासायनिक प्रक्रियाओं में कोयला एक प्रमुख ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। (Photo Source: Indian Express)
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