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भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है। आमतौर पर होली, दिवाली, नवरात्रि और ईद जैसे प्रमुख त्योहारों की चर्चा होती है, लेकिन इनके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में ऐसे कई अनोखे और कम-ज्ञात सांस्कृतिक उत्सव मनाए जाते हैं, जो सदियों पुरानी परंपराओं, लोककथाओं और स्थानीय संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। ये उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत की अद्भुत झलक भी पेश करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ खास त्योहारों के बारे में। (Photo Source: Pexels)
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चापचार कुट, मिजोरम
चापचार कुट मिजोरम का सबसे महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहारों में से एक है। यह जंगलों की सफाई और नई फसल की बुवाई से पहले मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रसिद्ध चेराव (बांस नृत्य) प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें कलाकार बांस की लाठियों के बीच लयबद्ध तरीके से नृत्य करते हैं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान, लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस उत्सव को बेहद आकर्षक बनाते हैं। (Photo Source: Express Archive) -
कोरजोक गुस्टोर, लद्दाख
लद्दाख की खूबसूरत त्सो मोरीरी झील के किनारे स्थित प्राचीन कोरजोक मठ में आयोजित होने वाला कोरजोक गुस्टोर बौद्ध संस्कृति का महत्वपूर्ण उत्सव है। दो दिनों तक चलने वाले इस पर्व में बौद्ध भिक्षु पारंपरिक छम मुखौटा नृत्य प्रस्तुत करते हैं, जो अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक माना जाता है। हिमालय की मनमोहक वादियों के बीच यह उत्सव एक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। (Photo Source: lehladakhtourism.com) -
मड़ई महोत्सव, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला मड़ई महोत्सव एक अनोखा घूमने वाला मेला है, जो अलग-अलग गांवों में आयोजित होता है। इस दौरान गोंड और अन्य जनजातीय समुदाय पारंपरिक लोकनृत्य, लोकसंगीत, धार्मिक अनुष्ठान, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और सामूहिक भोज का आयोजन करते हैं। यह उत्सव आदिवासी संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है। (Photo Source: Indiatourism, Mumbai/Facebook) -
शिगमो उत्सव, गोवा
गोवा का शिगमो उत्सव वसंत ऋतु के स्वागत का पर्व है। इस दौरान सड़कों पर भव्य झांकियां, रंगीन शोभायात्राएं, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाती हैं। घोड़े मोडनी और फुगड़ी जैसे पारंपरिक नृत्य इस उत्सव की खास पहचान हैं। इसे कई लोग गोवा का पारंपरिक कार्निवल भी मानते हैं, जिसमें स्थानीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। (Photo Source: My Goa/Facebook) -
थिमिथि, तमिलनाडु
थिमिथि, जिसे अग्नि-परीक्षा या फायर-वॉकिंग फेस्टिवल भी कहा जाता है, तमिलनाडु का एक अनूठा धार्मिक उत्सव है। यह महाभारत की पात्र द्रौपदी अम्मन को समर्पित है। इस दौरान श्रद्धालु जलते हुए अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी आस्था, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह भारत की सबसे अद्भुत धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। (Photo Source: BIC Panchavati/Facebook) -
त्रिशूर पूरम, केरल
केरल का त्रिशूर पूरम राज्य का सबसे भव्य मंदिर उत्सव माना जाता है। यह त्रिशूर के वडक्कुनाथन मंदिर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की सबसे बड़ी आकर्षण सजे-धजे हाथियों की भव्य शोभायात्रा, पंचवाद्यम जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति और शानदार आतिशबाजी होती है। देश-विदेश से हजारों पर्यटक इस अद्भुत सांस्कृतिक आयोजन को देखने पहुंचते हैं। (Photo Source: Pexels)
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