-
क्या आपने कभी सोचा है कि स्कूल की कॉपी या किताब में पन्ने के किनारे एक खाली जगह क्यों छोड़ी जाती है? बचपन में हममें से कई लोगों को लगता था कि यह जगह सिर्फ टीचर की टिप्पणी लिखने या नंबर देने के लिए होती है। लेकिन सच यह है कि मार्जिन की शुरुआत एक बेहद प्रैक्टिकल और इंटरेस्टिंग वजह से हुई थी। (Photo Source: Pexels)
-
चूहों और कीड़े-मकोड़ों से बचाने के लिए शुरू हुई परंपरा
आज से कई दशक पहले डॉक्यूमेंट्स, किताबें और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड केवल कागज पर ही सुरक्षित रखे जाते थे। उस समय न तो कंप्यूटर थे, न क्लाउड स्टोरेज और न ही डिजिटल बैकअप। ऐसे में पेपर डॉक्यूमेंट्स को सालों तक सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती थी। (Photo Source: Pexels) -
चूहे, दीमक और अन्य कीड़े अक्सर किताबों और कागजों को किनारों से कुतरना शुरू करते थे। यदि पन्ने के बिल्कुल किनारे तक लिखाई होती, तो महत्वपूर्ण जानकारी भी नष्ट हो जाती। इसी समस्या से बचने के लिए कागज के दोनों ओर कुछ हिस्सा खाली छोड़ने की शुरुआत हुई, जिसे आज हम ‘मार्जिन’ के नाम से जानते हैं। (Photo Source: Pexels)
-
जानकारी के लिए बना सुरक्षा कवच
मार्जिन का सबसे बड़ा फायदा यह था कि अगर किसी पन्ने का किनारा थोड़ा खराब भी हो जाए, तो बीच में लिखी हुई जरूरी जानकारी सुरक्षित रहती थी। यानी यह खाली जगह शब्दों और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के लिए एक तरह का सुरक्षा कवच बन गई। यही कारण है कि पुराने दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण रजिस्टरों में भी मार्जिन का विशेष ध्यान रखा जाता था। (Photo Source: Pexels) -
बाइंडिंग और पन्नों की सुरक्षा में भी मददगार
मार्जिन का एक और बड़ा फायदा किताबों की बाइंडिंग से जुड़ा है। जब कई पन्नों को एक साथ सिलकर या चिपकाकर किताब बनाई जाती है, तो किनारों का कुछ हिस्सा अंदर दब जाता है। यदि लिखाई बिल्कुल किनारे तक हो, तो कई शब्द बाइंडिंग में छिप सकते हैं और उन्हें पढ़ना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, समय के साथ पन्ने किनारों से घिसने, मुड़ने या फटने लगते हैं। मार्जिन होने से लिखा हुआ मुख्य भाग सुरक्षित रहता है। (Photo Source: Pexels) -
पढ़ने और लिखने को बनाता है आसान
मार्जिन केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पढ़ने और लिखने का अनुभव भी बेहतर बनाता है। पन्ने पर उचित खाली जगह होने से लिखावट अधिक साफ, व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देती है। यही वजह है कि स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों में आज भी मार्जिन वाली कॉपियां और दस्तावेज अधिक पसंद किए जाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
आज के समय में मार्जिन का क्या उपयोग है?
भले ही अब ज्यादातर जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रखी जाती हो, लेकिन मार्जिन की उपयोगिता आज भी बनी हुई है। इसकी मदद से लोग महत्वपूर्ण नोट्स लिखते हैं, हाइलाइट्स बनाते हैं, सुधार करते हैं और शिक्षक इसी जगह पर अंक या टिप्पणियां लिखते हैं। शोधपत्रों, कानूनी दस्तावेजों और आधिकारिक फाइलों में भी मार्जिन का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है। (Photo Source: Pexels)
(यह भी पढ़ें: न्यूजीलैंड की इस जगह को क्यों कहा जाता है ‘लिटिल इंडिया’, जानिए खास वजह)