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इमली (Tamarind) को हम आमतौर पर खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब वैज्ञानिकों की नजर इसके बीजों पर है। हालिया शोधों में संकेत मिले हैं कि इमली के बीजों में ऐसे प्राकृतिक यौगिक मौजूद हो सकते हैं, जो शरीर में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक कणों को हटाने में मदद कर सकते हैं। (Photo Source: Freepik)
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यह शोध अमेरिका के टेक्सास स्थित Tarleton State University में किया गया, जहां वैज्ञानिकों ने इमली के बीजों से निकाले गए प्राकृतिक यौगिकों की मदद से पानी से माइक्रोप्लास्टिक हटाने में सफलता पाई। (Photo Source: Unsplash)
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माइक्रोप्लास्टिक क्या हैं और क्यों खतरनाक हैं?
माइक्रोप्लास्टिक बेहद छोटे प्लास्टिक कण होते हैं, जो पानी, भोजन और हवा के जरिए हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं। ये कण खून, फेफड़ों और यहां तक कि पाचन तंत्र में भी पाए जा चुके हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। (Photo Source: Pexels) -
इमली के बीजों में क्या है खास?
वैज्ञानिकों ने पाया है कि इमली के बीजों में मौजूद पॉलीसैकेराइड (Polysaccharides), खासतौर पर जाइलोग्लूकान (Xyloglucans), एक तरह का चिपचिपा, जेल जैसा पदार्थ बनाते हैं। यह पदार्थ माइक्रोप्लास्टिक कणों से चिपक सकता है और उन्हें आपस में जोड़कर बड़े कण बना देता है। (Photo Source: Freepik) -
रिसर्च क्या कहती है?
प्रयोगशाला (लैब) में किए गए अध्ययनों में पाया गया कि इमली से बने प्राकृतिक पॉलिमर पानी में मौजूद लगभग 90% माइक्रोप्लास्टिक कणों को हटाने में सक्षम रहे। यह प्रक्रिया पानी को साफ करने के लिए काफी प्रभावी मानी जा रही है। (Photo Source: Pixabay) -
क्या यह मानव शरीर में भी काम करेगा?
वैज्ञानिकों का मानना है कि यही प्रक्रिया मानव पाचन तंत्र में भी हो सकती है। यानी, इमली के बीजों के ये यौगिक माइक्रोप्लास्टिक से चिपककर उन्हें शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी तक ज्यादातर अध्ययन लैब और पानी शुद्धिकरण तक सीमित हैं। मानव शरीर पर इसके प्रभाव को लेकर और रिसर्च की जरूरत है। (Photo Source: Pexels) -
भविष्य में क्या हो सकता है?
अगर आगे के शोध इस सिद्धांत को साबित कर देते हैं, तो इमली एक सस्ता, प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय बन सकती है, जो माइक्रोप्लास्टिक के खतरे को कम करने में मदद करे। यह पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए एक बड़ी खोज साबित हो सकती है। (Photo Source: Unsplash)
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