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भारत की संगीत परंपरा बेहद समृद्ध और विविधतापूर्ण रही है। जहां एक ओर सितार, तबला और बांसुरी जैसे वाद्य यंत्र दुनिया भर में लोकप्रिय हैं, वहीं कई ऐसे अद्भुत वाद्य भी हैं जो कम सुने जाते हैं लेकिन अपनी अनोखी ध्वनि और इतिहास के कारण बेहद खास हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही कम चर्चित भारतीय वाद्य यंत्रों के बारे में, जिन्हें हर संगीत प्रेमी को एक बार जरूर सुनना चाहिए। (Photo Source: Unsplash)
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इसराज
इसराज एक तार वाद्य यंत्र है, जिसे धनुष से बजाया जाता है। यह सितार और सारंगी का मिश्रण माना जाता है। इसकी ध्वनि बेहद कोमल, मधुर और सुकून देने वाली होती है। इसका इस्तेमाल खासतौर पर बंगाल और पंजाब के शास्त्रीय संगीत में होता है। (Express Photo) -
कंजीरा
कंजीरा एक छोटा हैंडहेल्ड पर्कशन इंस्ट्रूमेंट है, जो दिखने में डफली जैसा होता है। इसे पारंपरिक रूप से छिपकली की खाल से बनाया जाता था। इसकी तेज और जीवंत बीट्स कर्नाटक संगीत में खास पहचान रखती हैं। (Photo Source: Pexels) -
मोर्सिंग
मोर्सिंग एक छोटा धातु का वाद्य यंत्र है, जिसे मुंह के सहारे बजाया जाता है। इसे बजाने के लिए दांतों और जीभ का तालमेल जरूरी होता है। कर्नाटक संगीत में यह ताल को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। (Photo Source: Bebbcorp Harpery/YouTube) -
पखावज
पखावज एक प्राचीन ताल वाद्य है, जिसे तबले का पूर्वज माना जाता है। यह खासतौर पर ध्रुपद शैली के संगीत में इस्तेमाल होता है। इसकी गूंजदार और गहरी ध्वनि संगीत को गंभीरता और गरिमा प्रदान करती है। (Photo Source: Pexels) -
रुद्र वीणा
रुद्र वीणा भारतीय शास्त्रीय संगीत के सबसे पुराने वाद्य यंत्रों में से एक है। इसकी ध्वनि गहरी, ध्यानमग्न और आध्यात्मिक अनुभव देने वाली होती है। आज के समय में इसे बहुत कम सुना जाता है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक और सांगीतिक महत्ता बेहद खास है। (Express Photo) -
सारंगी
सारंगी को उसकी आवाज के कारण खास पहचान मिली है, क्योंकि यह इंसानी आवाज की तरह भावनाएं व्यक्त कर सकती है। इसे बजाना काफी कठिन माना जाता है, लेकिन इसकी ध्वनि बेहद अभिव्यक्तिपूर्ण और दिल को छू लेने वाली होती है। (Express Photo) -
सुरबहार
सुरबहार को ‘बेस सितार’ भी कहा जाता है। यह सितार से बड़ा होता है और इससे धीमी, गहरी और लंबी ध्वनियां निकलती हैं। इसका उपयोग विस्तृत और गंभीर शास्त्रीय प्रस्तुतियों में किया जाता है। (Photo Source: @paulsonsitar/Instagram) -
विचित्र वीणा
विचित्र वीणा एक अनोखा वाद्य यंत्र है, जिसमें फ्रेट्स नहीं होते। इसे स्लाइड की मदद से बजाया जाता है, जिससे इसकी ध्वनि बेहद मुलायम और वोकल जैसी लगती है। इसकी ग्लाइडिंग टोन इसे अन्य वाद्य यंत्रों से अलग बनाती है। (Photo Source: @hcmaeofficial/Instagram)
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