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ऐसा लग रहा है कि सोनम वांगचुंग के भूख हड़ताल का असर अब पूरे देश पर पड़ने लगा है। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। अब सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा है कि अगर सरकार उनकी शर्तें मान ले तो वो भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। (Photo Source: PTI)
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सोनम वांगचुक ने लिखा कि, “मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा अगर, सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले या मैं और कॉकरोच जनता पार्टी की लीडरशिप संसद तक पहुंचें और वहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाएं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे।” (Photo Source: PTI)
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सोनम वांगचुक एक इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। जितनी चर्चा सोनम वांगचुक की हो रही है, उतनी ही उनकी पत्नी की भी। इस वक्त इंटरनेट पर उनकी पत्नी के बारे में लोग सर्च कर रहे हैं वह कौन हैं और कितनी पढ़ी लिखी हैं। आइए जानते हैं उनकी पत्नी के बारे में: (Photo Source: PTI)
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सोनम वांगचुक की पत्नी का नाम गीतांजली जे. आंग्मो है, जो अपने पति की ही तरह सामाजिक कार्यकर्ता हैं। इसके साथ ही वह सोशल एंटरप्रेन्योर और एजुकेटर (शिक्षाविद्) हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिसके लिए भारत सरकार ‘वुमन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित कर चुकी है। (Photo Source: Gitanjali J Angmo/FB)
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कितनी पढ़ी-लिखी हैं गीतांजलि
गीतांजलि आंग्मो ने MBA तक की पढ़ाई की है। उनका जन्म ओडिशा के बालासोर में हुआ था। उन्होंने फकीर मोहन विश्वविद्यालय से फिजिक्स (भौतिकी) में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (XIMB) से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए किया। (Photo Source: Gitanjali J Angmo/FB) -
सामाजिक कार्यों से जुड़ने के बाद गीतांजलि ने पुषण और शंघाई पावर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड जैसी कंपनियों की स्थापना की। इसके अलावा उन्होंने हेलियोस बुक्स, एयूएम (AUM) हॉस्पिटल्स, एयूएम ट्रस्ट, लव योर लिवर फाउंडेशन और ट्रांसफॉर्म इंडिया जैसी संस्थाओं की भी शुरुआत की, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करती हैं। (Photo Source: Gitanjali J Angmo/FB)
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गीतांजलि ने अपने पति सोनम वांगचुक के साथ मिलकर साल 2017 में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की सह-स्थापना की, जिसका उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए उच्च शिक्षा का एक नया और व्यावहारिक मॉडल विकसित करना है। (Photo Source: Gitanjali J Angmo/FB)
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गीतांजलि वेदों और उपनिषदों की भी अच्छी जानकार हैं। इसके अलावा वह एक प्रशिक्षित बैले और ओडिसी नृत्यांगना हैं। साथ ही उन्होंने कराटे में भी ट्रेनिंग ली है। (Photo Source: Gitanjali J Angmo/FB)
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