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उत्तर प्रदेश के वाराणसी दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दरबार में षोडशोपचार विधि से पूजन किया, जो सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण और पूर्ण पूजा पद्धति मानी जाती है। (PTI Photo)
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यह केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। इस दौरान प्रधानमंत्री करीब 30 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। (PTI Photo)
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काशी विश्वनाथ मंदिर का महत्व
काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा विशेष फलदायी होती है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री द्वारा यहां षोडशोपचार विधि से पूजा करना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (PTI Photo) -
क्या है षोडशोपचार पूजा?
षोडशोपचार शब्द दो भागों से मिलकर बना है- ‘षोडश’ यानी 16 और ‘उपचार’ यानी सेवा या पूजन विधि। इस प्रकार षोडशोपचार पूजा का अर्थ है भगवान की 16 प्रकार से सेवा करना। इसमें भक्त अपने आराध्य को अतिथि मानकर ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से उनका स्वागत और सत्कार करता है। (PTI Photo) -
षोडशोपचार पूजा के 16 चरण
इस विधि में पूजा के 16 महत्वपूर्ण चरण होते हैं, जिनका गहरा आध्यात्मिक अर्थ है- आवाहन (भगवान को आमंत्रित करना), आसन (बैठने के लिए स्थान देना), पाद्य (पांव धोने के लिए जल अर्पित करना), अर्घ्य (हाथ धोने के लिए जल देना), आचमन (शुद्धि के लिए जल देना), स्नान (अभिषेक करना), वस्त्र (वस्त्र अर्पित करना), यज्ञोपवीत (जनेऊ अर्पित करना), गंध (चंदन लगाना), पुष्प (फूल अर्पित करना), धूप (धूप दिखाना), दीप (दीप प्रज्वलित करना), नैवेद्य (भोग लगाना), तांबूल (पान-सुपारी अर्पित करना), आरती (आरती उतारना), और प्रदक्षिणा (परिक्रमा और प्रणाम करना)। (PTI Photo) -
क्यों खास मानी जाती है यह पूजा?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, षोडशोपचार विधि को पूजा की सबसे पूर्ण और प्रभावी पद्धति माना जाता है। इसमें केवल मंत्रोच्चारण ही नहीं, बल्कि हर क्रिया के पीछे गहरा आध्यात्मिक भाव निहित होता है। यह पूजा मन, वचन और कर्म की शुद्धि का माध्यम मानी जाती है और व्यक्ति को अनुशासन, श्रद्धा तथा समर्पण सिखाती है। (PTI Photo) -
पीएम मोदी का काशी से जुड़ाव
पीएम मोदी का वाराणसी से विशेष संबंध है, क्योंकि यह उनका संसदीय क्षेत्र भी है। उनके दौरे के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेना काशी की परंपराओं और संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। (PTI Photo) -
आध्यात्मिक संदेश
धर्माचार्यों के अनुसार, षोडशोपचार पूजा केवल एक विधि नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच गहरे संबंध को स्थापित करने का माध्यम है। यह हमें सिखाती है कि जीवन में श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण कितना महत्वपूर्ण है। (PTI Photo)
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